Delhi की अदालत ने मानहानि मामले में सामाजिक कार्यकर्ता Medha Patkar को बरी किया

Medha Patkar
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ANI

अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से पता चलता है कि पाटकर कार्यक्रम में परिचर्चा के दौरान शामिल नहीं थीं और प्रसारण के दौरान केवल उनका एक छोटा और पूर्व में रिकॉर्ड किया गया वीडियो क्लिप चलाया गया था।

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में बरी कर दिया।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि पाटकर ने 2006 में एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान कथित मानहानिकारक बयान दिए थे। यह शिकायत सक्सेना ने दर्ज कराई थी, जो तब ‘नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टिज’ (एनसीसीएल) के अध्यक्ष थे।

सक्सेना ने आरोप लगाया था कि पाटकर ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान दिये। शिकायत के अनुसार, पाटकर ने कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर दावा किया था कि सक्सेना और उनके गैर सरकारी संगठन को सरदार सरोवर परियोजना से संबंधित दीवानी ठेके मिले थे।

सक्सेना ने इस आरोप का खंडन करते हुए इसे मानहानिकारक बताया। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से पता चलता है कि पाटकर कार्यक्रम में परिचर्चा के दौरान शामिल नहीं थीं और प्रसारण के दौरान केवल उनका एक छोटा और पूर्व में रिकॉर्ड किया गया वीडियो क्लिप चलाया गया था।

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