Delhi: दुर्घटना पीड़ित के परिवार को 55.19 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश

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न्यायाधिकरण ने माना कि अविनाश की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई थी और गलती ट्रक चालक की थी। उसने मृतक के परिवार को विभिन्न मदों के तहत मुआवजे के रूप में 55.19 लाख रुपये देने का आदेश दिया।

दिल्ली के एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 2018 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 24 वर्षीय आईटी पेशेवर के माता-पिता को मुआवजे के रूप में 55.19 लाख रुपये देने का आदेश दिया है।

पीठासीन अधिकारी विजय कुमार झा आईटी पेशेवर अविनाश दुबे के परिवार की ओर से दायर दावा याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिनकी मोटरसाइकिल 21 अक्टूबर 2018 को हरियाणा के सोनीपत के पास एक ट्रक से टकरा गई थी। इस हादसे में अविनाश की मौके पर ही मौत हो गई थी।

साक्ष्यों के मुताबिक, मोटरसाइकिल के आगे चल रहे ट्रक के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिसके चलते दुर्घटना हुई। न्यायाधिकरण ने नौ जनवरी के अपने आदेश में कहा कि ट्रक ने बिना उचित संकेत दिए अचानक गति धीमी कर दी, जिसके कारण मोटरसाइकिल उससे टकरा गई। उसने कहा कि अविनाश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे मनीष कुमार खेमका गंभीर रूप से घायल हो गए।

न्यायाधिकरण ने माना कि अविनाश की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई थी और गलती ट्रक चालक की थी। उसने मृतक के परिवार को विभिन्न मदों के तहत मुआवजे के रूप में 55.19 लाख रुपये देने का आदेश दिया।

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