दिल्ली सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू खत्म करने को लेकर एलजी को भेजा प्रस्ताव, लेकिन कब खुलेंगे स्कूल,जानें सरकार का क्या है प्लान

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ऐसे में एक सवाल माता-पिता के मन में भी उठ रहा है कि राजधानी में स्कूल कब खुलेंगे। इसके अलावा बहुत से लोगों के मन में सवाल भी है कि बच्चों की फाइनल परीक्षा स्कूल में होगी या नहीं। सूत्रों के मुताबिक राजधानी में जनवरी में स्कूल खुलने के कोई आसार नहीं है।

दिल्ली में कोरोना की रफ्तार में थोड़ी गिरावट आई है। इन सब के बीच दिल्ली सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू को खत्म करने का फैसला किया है। दिल्ली में कोरोना के मामलों में गिरावट को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने यह प्रस्ताव उपराज्यपाल को भेजा है। हालांकि अभी तक उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई है।

ऐसे में एक सवाल माता-पिता के मन में भी उठ रहा है कि राजधानी में स्कूल कब खुलेंगे। इसके अलावा बहुत से लोगों के मन में सवाल भी है कि बच्चों की फाइनल परीक्षा स्कूल में होगी या नहीं। सूत्रों के मुताबिक राजधानी में जनवरी में स्कूल खुलने के कोई आसार नहीं है। अभी तक इस से जुड़ा कोई प्रस्ताव भी उपराज्यपाल के पास नहीं भेजा गया है।

छात्र कर रहे हैं ऑनलाइन पढ़ाई

दिल्ली में अभी ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई स्कूलों के बंद होने के बावजूद न रुके। उन्होंने बच्चों को क्वॉलिटी एजुकेशन के लिए ऑनलाइन टीचिंग लर्निंग प्रक्रिया में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की बात कही है। दूसरी ओर देश के एक और अन्य राज्य महाराष्ट्र में कोरोना का पीक गुजर जाने की अटकलों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों को खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। यहां मुंबई समेत राज्य के अन्य हिस्सों में 24 जनवरी से स्कूल खुलेंगे।

बच्चों की पढ़ाई हो रही है प्रभावित

दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा, कोरोना के कारण स्कूलों के बार-बार बंद होने से छात्रों की पढ़ाई का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सेहत बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन साथ ही साथ उनकी पढ़ाई न रुके क्योंकि पढ़ाई भी महत्वपूर्ण है। सिसोदिया ने कहा स्कूलों के बंद रहने तक बच्चों की पढ़ाई  ऑनलाइन होनी चाहिए, ताकि बच्चों में लर्निंग गैप को कम किया जा सके। लेकिन उन्होंने स्कूल फिर से खोलने को लेकर कुछ भी नहीं कहा है।

ऑफलाइन परीक्षा की है उम्मीद

 स्कूलों का कहना है कि यदि सरकार राजधानी में पाबंदियों में ढील देती है तो वह 9वीं से 11वीं तक के छात्रों को धीरे-धीरे स्कूल में बुला सकते हैं। दिल्ली के 122 स्कूलों का एक संघ नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट की सुधा आचार्य का कहना है हम कोविड के हालात में सुधार की प्रतीक्षा करेंगे। हमें लगता है कि फरवरी के आखिर तक हालात में सुधार हो सकता है, और हम स्कूलों को फिर से खोलने और ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने में सक्षम होंगे।

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