मोहम्मद जुबैर की बढ़ीं मुश्किलें, दिल्ली पुलिस को मिली 4 दिन की रिमांड, धार्मिक भावनाओं को भड़काने का है आरोप

Mohammad Zubair
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Anurag Gupta । Jun 28, 2022 6:35PM
दिल्ली पुलिस को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर का 4 दिन का रिमांड मिला है। जुबैर को दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ़्तार किया था। उन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।

नयी दिल्ली। ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की रिमांड पर भेजा है। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस को मोहम्मद जुबैर की 4 दिन की रिमांड मिली है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर को साल 2018 में किए गए हिंदू देवता के खिलाफ ट्वीट मामले में गिरफ्तार किया था। 

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पुलिस ने मांगी थी 5 दिन की रिमांड

दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर को एक हिंदू देवता के खिलाफ 2018 में आपत्तिजनक ट्वीट करने से जुड़े मामले में मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने मोहम्मद जुबैर की रिमांड में पूछताछ की एक दिन की अवधि समाप्त होने के बाद उसे मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया के समक्ष पेश किया। जहां पर मोहम्मद जुबैर की रिमांड को 5 दिन और बढ़ाने का अनुरोध किया था।

जुबैर की गिरफ्तारी की हो रही आलोचना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी की निंदा की है। हाल में ममता बनर्जी ने कहा कि आपने मोहम्मद जुबैर और तीस्ता सीतलवाड़ को क्यों गिरफ्तार किया है? उन्होंने क्या गलत किया है? क्या सच बोलना या सच को उजागर करना अपराध है? जो लोग इस सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं, उन्हें या तो एजेंसियों का इस्तेमाल करके परेशान किया जा रहा है या उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। 

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क्या है दिल्ली पुलिस का पक्ष ?

दिल्ली पुलिस ने बताया कि मोहम्मद जुबैर के 2018 के आपत्तिजनक ट्वीट के बाद ट्विटर पर नफरत फैलाने वाले संवादों की बाढ़ आ गई थी जिससे सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा। पुलिस उपायुक्त (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन) केपीएस मल्होत्रा ने कहा कि ऐसे मामलों में जिस उपकरण से ट्वीट किया गया उसे खोजना तथा ट्वीट के पीछे का मकसद जानना बेहद आवश्यक है। पूछताछ के दौरान वह दोनों ही सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। हमें पता चला है कि उनका फोन फॉर्मेट हुआ था। जवाब नहीं देने के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया।

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