Delhi Police ने 80 लाख की फिरौती के लिए अगवा 8 वर्षीय बच्चे को सकुशल छुड़ाया

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भलस्वा डेयरी इलाके से अगवा किए गए आठ वर्षीय बालक को पुलिस टीम ने रातभर तलाशी अभियान चलाकर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों राहुल और शुभम को गिरफ्तार करने के साथ ही चार नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। इंटरनेट कॉल के जरिए परिजनों से 80 लाख रुपये की मोटी रकम मांगी गई थी।

नयी दिल्ली, चार सितंबर दिल्ली में आठ वर्षीय एक लड़के के अपहरण और 80 लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने के मामले में 18 वर्षीय दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार नाबालिग पकड़े गए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आधी रात से तड़के तक चले अभियान के दौरान कुछ ही घंटों में बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में 18 वर्षीय दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, घटना का पता बुधवार को चला, जब बच्चे की मां रेशमा ने भलस्वा डेयरी थाने में अपने बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में बताया गया कि इंटरनेट के जरिए की गई कॉल के माध्यम से बच्चे की रिहाई के लिए फिरौती की मांग की गई थी।

पुलिस की टीम ने एक मामला दर्ज कर व्यापक स्तर पर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने पूरी रात मुकुंदपुर, बुराड़ी और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, समन्वित तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई जांच के प्रयासों से पुलिस अपहृत बच्चे तक पहुंच गई और उसे तड़के सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि चार नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल और शुभम के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बच्चे का अपहरण कर उसके परिवार से फिरौती मांगने की साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार, नाबालिग आरोपियों में से एक ने कई दिनों तक बच्चे को टॉफी, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक देकर उसका विश्वास जीत लिया। पुलिस ने बताया कि दो सितंबर को वह कथित तौर पर बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बाद में उसे अपने साथियों को सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक, एक अन्य नाबालिग, जो पीड़ित की बड़ी बहन के साथ एक ही कक्षा में पढ़ता था और उसके परिवार से परिचित था, ने कथित तौर पर इस गिरोह के लिए मुखबिर के रूप में काम किया।

पुलिस ने बताया कि अपहरण के बाद वह परिवार के साथ ही रहा और उन्हें सांत्वना देने का दिखावा करता रहा। साथ ही, वह कथित तौर पर पुलिस की गतिविधियों और जांच की प्रगति से जुड़ी जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाता रहा। पुलिस ने बताया कि बच्चे की चिकित्सकीय जांच कराई गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।

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