Delhi-NCR में सांसों पर संकट: Non-BS-VI Vehicles के प्रवेश पर रोक और निगरानी हुई तेज

pollution
AI Image
अंकित सिंह । Oct 22 2026 12:40PM

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए 11-सूत्रीय कार्ययोजना की घोषणा की है। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर नो PUC, नो फ्यूल नियम लागू रहेगा और 1 नवंबर 2026 से गैर-BS-VI वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगेगी। इसके अलावा एंटी-स्मॉग गन और चौबीसों घंटे निगरानी के जरिए प्रदूषण पर लगाम कसी जा रही है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की है कि सरकार प्रदूषण के सभी मुख्य स्रोतों को नियंत्रित करके इससे निपटने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है। इस साल शहर में 214 दिन हवा साफ रही, जो कोविड-19 महामारी के दौर को छोड़कर पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। सिरसा ने बताया कि लगभग 30 एजेंसियां ​​प्रदूषण नियंत्रण के लिए 11-सूत्रीय योजना लागू कर रही हैं। यह योजना नीति आयोग और 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। इस योजना में प्रदूषण नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, धूल कम करना, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और हरित क्षेत्र (green cover) को बढ़ाना शामिल है।

इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में सांसों पर संकट: इंडिया गेट, ITO और AIIMS समेत कई इलाकों में AQI 'खराब' श्रेणी में आया, लागू हुआ GRAP-1

मंत्री ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' (PUCC) नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा, "कृपया वैध PUC सर्टिफिकेट के बिना दिल्ली न आएं। आपके वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।" दिल्ली के सभी ईंधन स्टेशनों को 'नो PUC, नो फ्यूल' अभियान का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत वैध सर्टिफिकेट न होने पर वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।

दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों, खासकर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर नियमों के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 1 नवंबर 2026 से, दिल्ली के बाहर से आने वाले उन वाहनों पर प्रतिबंध लागू होंगे जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं। हालांकि, लागू नियमों के अनुसार कुछ विशेष श्रेणियों के वाहनों और आवश्यक सेवाओं को इससे छूट दी जाएगी।

इसे भी पढ़ें: Delhi AQI 233 दर्ज, न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (I-CCC) के ज़रिए चौबीसों घंटे निगरानी रखने से प्रदूषण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण होता है और नागरिकों की शिकायतों का समाधान किया जाता है। निगरानी टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, जो 311 ऐप के ज़रिए मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करती हैं। ये टीमें मुख्य रूप से कचरा या पत्तियां जलाने और धूल-नियंत्रण के नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों पर ध्यान देती हैं। सरकार तकनीक-आधारित प्रवर्तन (enforcement) का विस्तार कर रही है। इसके तहत 283 निर्माण स्थलों और लगभग 200 ऊंची इमारतों पर 608 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, साथ ही दिल्ली की सड़कों पर 103 मैकेनिकल रोड स्वीपर (सड़क साफ करने वाली मशीनें) तैनात की गई हैं। 3,000 वर्ग मीटर से बड़े परिसरों में तय नियमों के अनुसार एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़