Delhi-NCR में सांसों पर संकट: इंडिया गेट, ITO और AIIMS समेत कई इलाकों में AQI 'खराब' श्रेणी में आया, लागू हुआ GRAP-1

Delhi Air Quality
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रेनू तिवारी । Oct 22 2026 10:11AM

ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब एक दिन पहले ही राजधानी का औसत दैनिक AQI इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया था। इसके चलते अधिकारियों को पूरे दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) का पहला चरण (Stage I) लागू करना पड़ा।

देश की राजधानी दिल्ली में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का कहर फिर से शुरू हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता शहर के प्रमुख इलाकों में 'खराब' (Poor) श्रेणी में दर्ज की गई। राजधानी के ITO पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 280 और AIIMS के पास 276 तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी है। अक्षरधाम मंदिर और आनंद विहार के आसपास AQI 237 रहा, जबकि इंडिया गेट के पास यह 238 दर्ज किया गया।

ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब एक दिन पहले ही राजधानी का औसत दैनिक AQI इस सीजन में पहली बार 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया था। इसके चलते अधिकारियों को पूरे दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) का पहला चरण (Stage I) लागू करना पड़ा। शहर का औसत दैनिक AQI 20 अक्टूबर को 179 था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 हो गया और शाम 4 बजे तक 245 पर पहुंच गया।

दिल्ली की प्रमुख जगहों पर AQI
CPCB के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI 'खराब' (poor) माना जाता है। गुरुवार सुबह ITO पर AQI 280 और AIIMS पर 276 दर्ज किया गया। इंडिया गेट पर AQI 238 रहा, जबकि अक्षरधाम मंदिर और आनंद विहार में यह 237 दर्ज किया गया।

CPCB के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI 'खराब' (poor) श्रेणी में आता है। इनके दिशा-निर्देशों के तहत, 0 से 50 तक का AQI 'अच्छा' (good), 51 से 100 तक 'संतोषजनक' (satisfactory), 101 से 200 तक 'मध्यम' (moderate), 201 से 300 तक 'खराब' (poor), 301 से 400 तक 'बहुत खराब' (very poor) और 401 से 500 तक 'गंभीर' (severe) माना जाता है। 

दिल्ली-NCR में GRAP का चरण-I लागू
प्रदूषण के स्तर और मौसम के पूर्वानुमान की समीक्षा करने के बाद, 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने बुधवार को GRAP का चरण-I लागू कर दिया है। इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण को और अधिक बिगड़ने से रोकना है, जिसके तहत पूरे क्षेत्र की एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को और मजबूत करने के लिए कहा गया है।

इन उपायों में निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के कड़े इंतजाम, मशीनों से सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव, नियमित रूप से कचरा उठाना और खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे वाहनों के पास वैध 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट की जांच करें, और जो वाहन ज्यादा प्रदूषण फैला रहे हैं या बहुत पुराने हो चुके हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। चरण-I के तहत, होटलों, रेस्तरां और खुले में खाने-पीने की जगहों पर तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।

भारतीय मौसम विभाग और 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी' के पूर्वानुमान बताते हैं कि आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता 'खराब' (poor) श्रेणी में बनी रहने की संभावना है। एजेंसियों से कहा गया है कि वे कड़ी निगरानी रखें और तय किए गए उपायों को और सख्ती से लागू करें।

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