जिस ड्रोन से अमेरिका ने कासिम सुलेमानी को मारा वो अब होगा भारत के पास! रक्षा सौदों के लिहाज से पीएम मोदी की यात्रा यूं हुई खास

जिस ड्रोन से अमेरिका ने कासिम सुलेमानी को मारा वो अब होगा भारत के पास! रक्षा सौदों के लिहाज से पीएम मोदी की यात्रा यूं हुई खास

नौसेना तो पहले ही 2 प्रीडेटर एमक्यू-9 ड्रोन ऑपरेट कर भी रही है। अब जो तीस ड्रोन खरीदें जाएंगे उनमें 10 ड्रोन नौसेना को, 10 चल सेना को और बाकी 10 वायु सेना को मिलेंगे। अगर ये ड्रोन भारत को मिल गया तो ये बहुत बड़ा गेम चेंजर साबित होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। लेकिन उनकी एक मुलाकात ने पाकिस्तान और चीन के माथे पर पसीना ला दिया। ये मुलाकात अमेरिका की डिफेंस कंपनी जनरल ऑटोमिक्स के सीईओ से रही। ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी ने अमेरिका की 5 दिग्गज कंपनियों के सीईओ के साथ मीटिंग की है।  इसमें जनरल एटोमिक्स के सीईओ विवेक लाल और ब्लैक स्टोन के ए श्वार्जमैन से भी शामिल हैं। पीएम मोदी और विवेक लाल की 20 मिनट तक चली यह मीटिंग रक्षा सौदे और डिफेंस टेक्नॉलजी के लिहाज से बेहद अहम है। जनरल एटॉमिक्स ही खतरनाक प्रीडेटर ड्रोन की निर्माता है। भारत जनरल ऑटोमिक्स से 30 प्रीडेटर एमक्यू-9 ड्रोन खरीदने की तैयारी में है।

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ये कोई आम ड्रोन नहीं है बल्कि हथियारबंद ड्रोन है। इस ड्रोन का नाम प्रीडेटर यूं ही नहीं है, ये वाकई ऐसा शिकारी है जो जंग के मैदान में दुश्मन का वजूद मिटाने की ताकत रखता है। इस ड्रोन में हवा से जमीन पर निशाना साधने वाली सात हेलफायर मिसाइलें सेट की जा रही हैं। जिन्हें लेकर ये ड्रोन 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और लगभग 27 घंटे तक जंग के मैदान में टिका रह सकता है। दावा है कि जंग के मैदान में प्रीडेटर एमक्यू-9 एक ऐसा मल्टीमिशन ड्रोन साबित होगा जो भारत की सेना के लिए शिकार भी करे, दुश्मन पर नजर भी रखे और उसकी जासूसी भी करे।

तीनों सेनाओं के लिए 10-10 प्रीडेटर ड्रोन

नौसेना तो पहले ही 2 प्रीडेटर एमक्यू-9 ड्रोन ऑपरेट कर भी रही है। अब जो तीस ड्रोन खरीदें जाएंगे उनमें 10 ड्रोन नौसेना को, 10 चल सेना को और बाकी 10 वायु सेना को मिलेंगे। अगर ये ड्रोन भारत को मिल गया तो ये बहुत बड़ा गेम चेंजर साबित होगा। क्योंकि भारत अभी सर्विलेंस यानी दुश्मन देश की सेना की जानकारी जुटाने के लिए या फिर उसके इलाके के मिलिट्री सर्वे के लिए ही ड्रोन ऑपरेट करता है। हथियार के तौर पर भारत ड्रोन का इस्तेमाल नहीं करता है। 

एमक्यू-9 ड्रोन से जुड़ी बड़ी बातें 

लंबाई- 36 फीट

ऊंचाई- 12.5 फीट

विंग का फैलाव- 66 फीट 

रेंज- 3000 किमी.

अधिकतम स्पीड- 300 किमी/प्रति घंटा

अधिकतम ऊंचाई- 45000 फीट

अधिकतम फ्लाइंग टाइम- 40 घंटे 

एडीएम-114 हेलिफायर मिसाइल्स  

जीबीयू-12

जीबीयू-38

अमेरिका ने कासिम सुलेमानी को बनाया था निशाना

अमेरिका ने एमक्यू-9 प्रीडेटर ड्रोन के जरिए ही जनवरी 2020 में ईरान के मिलिट्री जनरल कासिम सुलेमानी को मारा था। एमक्यू-9 प्रीडेटर ड्रोन की एक सबसे बड़ी खासियत ये है कि दुश्मन को इस ड्रोन की भनक नहीं लगती क्योंकि यह बेहद कम शोर करता है। यह न सिर्फ अडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम से लैस है बल्कि खामोशी से टारगेट पर सटीक निशाना लगाने में माहिर है।  

इस तरीके से इसको न केवल दुश्मन की थाह लेने के लिए न केवल इस्तेमाल किया जाता है बल्कि दुश्मन अगर सामने दिखाई देता है तो उसे निशाना भी बनाया जा सकता है। इसलिए ये डील बहुत मायने रखती है खासकर, साउथ चाइना सी से लद्दाख तक तैनाती के लिहाजे से यो और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। 





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