MDMK सांसद Durai Vaiko का दावा, ठेकों में कमीशन रुके तो तमिलनाडु का 13 लाख करोड़ कर्ज घटेगा

तिरुचिरापल्ली में लोकसभा सांसद दुरई वाइको ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 30 से 50 प्रतिशत तक रिश्वत ली जाती थी। उनका कहना है कि इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने से राज्य के सरकारी खर्च और नए कर्ज लेने की जरूरत में भारी कमी आएगी।
एमडीएमके नेता दुरई वाइको ने बुधवार को कहा कि यदि सरकारी ठेकों में “30 से 50 प्रतिशत तक कमीशन वसूलने की प्रथा” खत्म कर दी जाए, तो तमिलनाडु अपने 13 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को काफी हद तक कम कर सकता है। तिरुचिरापल्ली से लोकसभा सदस्य वाइको ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान ठेकों की लागत बढ़ाकर दिखाई जाती थी और इसके जरिए मिलने वाली रिश्वत को ‘पार्टी कोष’ और ‘परिवार कोष’ के नाम पर वसूला जाता था। उन्होंने दावा किया, चाहे सड़कें बनानी हों या पुल, पहले ठेकों में 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन शामिल होता था और कुछ मामलों में यह 50 प्रतिशत तक भी पहुंच जाता था।
इस तरह लागत में बढ़ोतरी पर रोक लगने से सरकार का कुल खर्च अपने आप कम हो जाएगा। इससे नए कर्ज लेने की जरूरत भी घटेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि हवाई अड्डों से जुड़े कार्यों सहित बुनियादी ढांचे की कई जारी परियोजनाओं के ठेकों का भुगतान प्रशासन ने पुराने मामलों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के बाद रोक दिया है।
उन्होंने सरकार से इस मुद्दे का जल्द समाधान करने का आग्रह किया, ताकि आम लोगों को परेशानी हुए बिना जारी परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। एमडीएमके सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सहयोगी पार्टी है।
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