Election Commission का नया ऐप जारी, Gyanesh Kumar ने भ्रामक सूचनाओं से मुकाबले का हथियार बताया

संबंधित अधिकारी द्वारा की गयी प्रविष्टि यह सुनिश्चित करेगी कि हितधारकों को उपलब्ध कराया गया डेटा यथासंभव सटीक है। हालांकि, किसी भी टकराव की स्थिति में वैधानिक प्रपत्रों में विधिवत भरा हुआ प्राथमिक डेटा मान्य होगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बृहस्पतिवार को मतदाताओं, अधिकारियों और राजनीतिक दलों के लिए एक नया डिजिटल ऐप जारी किया और कहा कि यह भ्रामक सूचना का मुकाबला करने का एक हथियार है।
उन्होंने यहां एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों को उनकी भाषाओं में और उनके कानूनों के अनुसार इसी तरह का उपकरण विकसित करने में सहायता की पेशकश की।
कुमार ने बताया कि सम्मेलन के दौरान विभिन्न चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने भ्रामक सूचना के विषय पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने ‘ईसीआईनेट’ को गलत सूचनाओं के प्रसार की चुनौती से निपटने के लिए एक औजार करार दिया क्योंकि इस पर चुनाव संबंधी सभी तथ्य उपलब्ध हैं।
‘ईसीआईनेट’ अपने 40 से अधिक मौजूदा मोबाइल और वेब एप्लिकेशन को एकीकृत करेगा तथा सभी चुनाव-संबंधी गतिविधियों के लिए एक एकल मंच प्रदान करेगा। यह नया प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं पर कई ऐप डाउनलोड करने, ‘नेविगेट करने’ और विभिन्न लॉगिन याद रखने के बोझ को कम करेगा।
इसके अतिरिक्त, ईसीआईनेट उपयोगकर्ताओं को अपने डेस्कटॉप या स्मार्टफोन पर प्रासंगिक चुनावी डेटा तक पहुंचने में भी सक्षम बनाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि डेटा यथासंभव सटीक है, ईसीआईनेट पर डेटा केवल निर्वाचन आयोग के अधिकृत अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाएगा।
संबंधित अधिकारी द्वारा की गयी प्रविष्टि यह सुनिश्चित करेगी कि हितधारकों को उपलब्ध कराया गया डेटा यथासंभव सटीक है। हालांकि, किसी भी टकराव की स्थिति में वैधानिक प्रपत्रों में विधिवत भरा हुआ प्राथमिक डेटा मान्य होगा।
ईसीआईनेट, वोटर हेल्पलाइन ऐप, वोटर टर्नआउट ऐप, ‘सीविजिल’, सुविधा, सक्षम और केवाईसी ऐप जैसे मौजूदा ऐप को समाहित कर देगा, जिसके कुल मिलाकर 5.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं।
अन्य न्यूज़












