कश्मीर में भीषण ठंड, श्रीनगर में तापमान शून्य से 5.9 डिग्री नीचे पहुंचा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 31, 2020   12:25
कश्मीर में भीषण ठंड, श्रीनगर में तापमान शून्य से 5.9 डिग्री नीचे पहुंचा

अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में बर्फबारी के आसार भी रहते हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है। ‘चिल्लई कलां’ की अवधि 21 दिसंबर से शुरू हुई थी और यह 31 जनवरी को खत्म होगी। इसके बाद 20 दिनों के चिल्लई खुर्द (कम ठंड) और फिर 10 दिवसीय चिल्लई बच्चा (सामान्य ठंड) की शुरुआत होगी।

श्रीनगर।  कश्मीर में बृहस्पतिवार को ठंड का प्रकोप बढ़ गया और घाटी में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तापमान शून्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया जबकि उससे एक दिन पहले न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान शून्य से 10.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। घाटी में गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा। अमरनाथ यात्रा के लिए दक्षिण कश्मीर में आधार शिविर पहलगाम में शून्य से 9.6 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान चला गया।

काजीगुंड में शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान रहा। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ की अवधि चल रही है और 40 दिनों की इस अवधि में भीषण ठंड पड़ती है। तापमान गिरने से प्रसिद्ध डल झील समेत घाटी के विभिन्न भागों में जलापूर्ति की पाइपलाइनों में पानी जम जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में बर्फबारी के आसार भी रहते हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है। ‘चिल्लई कलां’ की अवधि 21 दिसंबर से शुरू हुई थी और यह 31 जनवरी को खत्म होगी। इसके बाद 20 दिनों के चिल्लई खुर्द (कम ठंड) और फिर 10 दिवसीय चिल्लई बच्चा (सामान्य ठंड) की शुरुआत होगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।