महाराष्ट्र में किसान ने की आत्महत्या, प्रधानमंत्री से फसलों के लिए एमएसपी का आग्रह किया

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महाराष्ट्र में पुणे जिले के एक 42 वर्षीय किसान ने प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने पर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली और अपने कथित सुसाइड नोट में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और आग्रह किया कि वह प्याज और अन्य फसलों के लिए एमएसपी सुनिश्चित करें।

महाराष्ट्र में पुणे जिले के एक 42 वर्षीय किसान ने प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने पर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली और अपने कथित सुसाइड नोट में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और आग्रह किया कि वह प्याज और अन्य फसलों के लिए एमएसपी सुनिश्चित करें। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि सुसाइड नोट में सहकारी समिति से जुड़े लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली “अभद्र भाषा” और उधारदाताओं (वित्त कंपनियों) द्वारा धमकी दिए जाने के बारे में भी कहा गया है।

उन्होंने बताया कि जुन्नार तहसील के वडगांव आनंद गांव में शनिवार को किसान दशरथ केदारी कीटनाशक खाकर तालाब में कूद गया। आले फाटा थाने के पुलिस निरीक्षक प्रमोद क्षीरसागर ने कहा, “केदार ने प्याज की खेती की थी। लेकिन फसल का संतोषजनक मूल्य नहीं मिलने के कारण उन्होंने 1.5 लाख से 2 लाख रुपये की कृषि उपज का भंडारण किया। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उन्हें बेहतर कीमत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”

उन्होंने कहा कि बारिश से प्याज खराब हो गई थी। केदारी की सोयाबीन और टमाटर की फसल को भी नुकसान हुआ। क्षीरसागर ने कहा, “उन्होंने एक सहकारी समिति से उधार लिया था। सुसाइड नोट में किसान ने प्रधानमंत्री मोदी से प्याज जैसी कृषि उपज के लिए एमएसपी देने के लिए कहा है और कहा है कि खेती जुआ बन गई है।” मराठी में लिखे नोट में लिखा है, “आज, मैं आपकी निष्क्रियता के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हूं। कृपया हमें हमारा उचित गारंटीकृत बाजार मूल्य दें।”

अधिकारी ने कहा कि सुसाइड नोट पर हस्ताक्षर करने के बाद, केदारी ने नोट के निचले भाग पर प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केदारी के एक रिश्तेदार ने “सुसाइड नोट” को पुलिस को सौंप दिया, जो किसान के तालाब में कूदने से पहले उतारे गए कपड़ों में पाया गया था।

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