किसान प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, पानी की बौछारें की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   14:11
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किसान प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, पानी की बौछारें की

हरियाणा सरकार ने किसानों को प्रदर्शन के लिए एकत्रित होने से रोकने के लिए कई इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 भी लागू कर दी है। किसान नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नये कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

नयी दिल्ली। केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च कर रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा सीमा पर कहीं आंसू गैस के गोले दागे, तो कहीं पानी की बौछारें कीं।  दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पहुंचे किसानों के एक समूह पर आंसू गैस के गोले दागे, जबकि टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में आने से रोकने के लिएउन पर पानी की बौछारें की। सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा कर्मियों द्वारा आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किए जाने के बाद वहां घना धुआं देखा गया। वहीं टीकरी बॉर्डर पर किसानों की पुलिस से झड़प हो गई और उन्होंने अवरोधक के तौर पर लगाए ट्रक को जंजीरों (चैन) के जरिए ट्रैक्टर से बांध वहां से हटाने की कोशिश की। पंजाब से दिल्ली आने के सीधे मार्ग सिंघु बॉर्डर पर किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने से रोकने के लिए कई तरह के अवरोधक लगाए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए सुरक्षा कर्मी ड्रोन का इस्तेमाल भी कर रहे हैं।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ हम किसानों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम उन्हें यह भी बता रहे हैं कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर किसी प्रकार की रैली करने या धरना देने की अनुमति नहीं है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘ उन्हें अनुमति नहीं दी गई और अगर उन्होंने फिर भी दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’ सरकारी सूत्रों ने बताया कि मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने आप सरकार से शहर के नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल बानाने की अनुमति भी मांगी। दिल्ली के गृह मंत्री सत्येन्द्र जैन ने हालांकि पुलिस को स्टेडियम का इस्तेमाल अस्थायी जेलों के तौर पर करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन के कारण शहर के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी सीमाओं से लगे कई स्थानों पर यातायात का मार्ग बदल दिया गया है। दिल्ली-गुड़गांव सीमा पर वाहनों की तलाशी भी बढ़ा दी गई है, जिससे वहां जाम लग गया है। दिल्ली-गुड़गांव सीमा पर सीआईएसएफ के कर्मियों को भी तैनात किया गया है। दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से रिंग रोड, मुकरबा चौक, जीटीके रोड, एनएच- 44 और सिंघु बॉर्डर की बजाय दूसरे रास्तों से गुजरने की अपील की। उसने कहा, ‘‘अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की रैली /मार्च/प्रदर्शन के मद्देनजर यातायात पुलिस मुकरबा चौक और जीटीके मार्ग से यातायात को परिवर्तित कर रही है।’’ 

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दिल्ली यातायात पुलिस ने यह भी बताया कि टीकरी बॉर्डर पर भी स्थानीय पुलिस ने यातायात को पूरी तरह रोक दिया है। तीस से अधिक किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले पंजाब के किसानों ने घोषणा की थी कि वे लालडू, शंभु, पटियाला-पिहोवा, पातरां-खनौरी, मूनक-टोहाना, रतिया-फतेहाबाद और तलवंडी-सिरसा मार्गों से दिल्ली की ओर रवाना होंगे। सभी सीमाओं पर तनाव कायम है। ‘दिल्ली चलो’ मार्च के लिए किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर राशन और अन्य आवश्यक सामान के साथ एकत्रित हो गए हैं। हरियाणा सरकार ने किसानों को प्रदर्शन के लिए एकत्रित होने से रोकने के लिए कई इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 भी लागू कर दी है। किसान नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नये कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।





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श्रीराम मंदिर के नाम पर भाजपा देशवासियों को डराकर कर रही है चंदा- दिग्विजय सिंह

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 28, 2021   07:58
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श्रीराम मंदिर के नाम पर भाजपा देशवासियों को डराकर कर रही है चंदा- दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मोदी सरकार द्वारा बनाये गये श्रमिक विरोधी कानून के कारण पूंजीपति व उद्योगपति श्रमिकों को बेरोजगार कर रहे है। जिनकी लड़ाई कांग्रेस हमेशा से लडती आई है और हमेशा लडती रहेगी। चंद पूंजीपतियों के इशारे पर काम करने वाली मोदी सरकार आज देश की जनता को मंहगाई की आग में जोख रही है।

उज्जैन। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर देश में भाजपा लोगों को डरा धमका कर चंदा कर रही है। भाजपा के लोग हथियार लेकर चंदा वसूलने जा रहे है। भगवार राम हमारे भी आराध्य देव है। इसलिए हमने चंदा सीधे बैंक खाते में जमा किया। यह बात बुधवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नागदा में प्रेस वार्ता में कही।

 

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दिग्विजय सिंह उज्जैन के नागदा पहुंचे थे जहाँ विधायक दिलीप सिंह गुर्जर के निवास पर मीडिया से चर्चा  के दौरान उन्होंने यह बात कही। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि कृषि बील के विरोध में विगत दो माह से दिल्ली की सडकों पर सत्याग्रह कर रहे देश के लाखों किसानों की समस्या को सुनना तो दूर उन्हें कभी खालीस्तानी कभी पाकिस्तानी तो कभी आंतकवादी कह कर मोदी सरकार व भारतीय जनता पार्टी किसानों का अपमान कर रही है। लाल किले पर जिस कथित किसान ने सिख पंत का झंडा फहराया वह भाजपा का सदस्य था और भाजपा सांसद सन्नी देओल का कार्यकर्ता है। उसकी फोटो नरेन्द्र मोदी सहित कई बडे भाजपा नेताओं के साथ आज मिडिया में आई है।

 

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दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मोदी सरकार द्वारा बनाये गये श्रमिक विरोधी कानून के कारण पूंजीपति व उद्योगपति श्रमिकों को बेरोजगार कर रहे है। जिनकी लड़ाई कांग्रेस हमेशा से लडती आई है और हमेशा लडती रहेगी। चंद पूंजीपतियों के इशारे पर काम करने वाली मोदी सरकार आज देश की जनता को मंहगाई की आग में जोख रही है। कमर तोड मंहगाई से जनता त्रस्त हो रही है। दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक जयवर्धन सिंह, विधायक महेश परमार, रामलाल मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष करण कुमारिय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल पटेल, राजेन्द्र वशिष्ठ आदि उपस्थित थे।





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राजस्थान सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के 8 लोगों की मौत,राजगढ़ जिले का रहने वाला था परिवार

  •  मनीष सोनी
  •  जनवरी 28, 2021   07:30
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राजस्थान सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के 8 लोगों की मौत,राजगढ़ जिले का रहने वाला था परिवार

जीरापुर थाना प्रभारी रमाकांत उपाध्याय ने बताया कि टोंक पुलिस से सूचना मिलने के बाद परिवार के लोगों को हादसे की सूचना दे दी गई है। वही दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने इस पर शोक जताया है।

राजगढ़। राजस्थान के टोंक जिले के सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार ट्रेलर और जीप की भिड़ंत मे मध्य प्रदेश के रहने वाले एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई,जबकि चार घायल हो गए।इस दुर्घटना में तीन वर्ष की बच्ची नन्नू सुरक्षित बच गई। घायलों को उपचार के लिए जयपुर भेजा गया है। मृतकों में चार पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। दुर्घटना का शिकार परिवार खाटू श्यामजी के दर्शन करके जीरापुर (राजगढ़ )लौट रहा था।

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हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर पक्का बंधा क्षेत्र में हुआ। इसमें ट्रेलर से टकराने के बाद सवारी वाहन पुलिया की दीवार से टकरा गया। जिसके कारण दुर्घटना के बाद वाहन में संवार लोग फंस गए। हादसे मे कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं कुछ की अस्पताल पहुँचने के बाद मौत हो गई। हादसे मे मरने वाले सभी 8 लोग एक ही परिवार के थे। इनमें से एक महिला और एक बच्चा उज्जैन जिले के मक्सी में रहते थे, जबकि एक बच्ची माकड़ोन निवासी थी।

  

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दुर्घटना के मृतकों में राधेश्याम सोनी (48) निवासी जीरापुर,  रामबाबू सोनी (37) निवासी जीरापुर,ललित सोनी ( 24)निवासी जीरापुर, नयन सोनी (15 )निवासी जीरापुर,अक्षत सोनी (7) निवासी मक्सी, ममता सोनी (28 ) निवासी मक्सी,बबली उर्फ संतोष सोनी (28 ) निवासी जीरापुर,अक्षिता सोनी (8) निवासी माकड़ोन शामिल है। एक तीन वर्ष की बालिका नन्नु को हादसे में खरोंच तक नहीं आई। चारों घायलों का जयपुर एसएमएस मे उपचार जारी है। जीरापुर थाना प्रभारी रमाकांत उपाध्याय ने बताया कि टोंक पुलिस से सूचना मिलने के बाद परिवार के लोगों को हादसे की सूचना दे दी गई है। वही दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने इस पर शोक जताया है। 





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राज्यपाल की ओर से 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए सम्मानित

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 27, 2021   23:57
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राज्यपाल की ओर से 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए सम्मानित

इसके तहत राजभवन के अधिकारियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को राज्यपाल की ओर से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ सहित शॉल, श्रीफल और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया।

भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कोविड-19 संक्रमण की स्थितियों को देखते हुए मध्य प्रदेश के 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के निवास पर जाकर उन्हें सम्मानित करने की व्यवस्था कराई है। इसके तहत राजभवन के अधिकारियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को राज्यपाल की ओर से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ सहित शॉल, श्रीफल और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया।

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भोपाल में निवासरत स्वतंत्रता सेनानियों को राज्यपाल की ओर से सम्मानित किया गया। इनमें श्री देवीशरण, श्रीमती पार्वती देवी, श्रीमती सावित्री देवी, श्रीमती चंद्रावती सिंह, श्री मुफ्ती अब्दुल रज्जाक, श्री मुख्तार खान, श्री हबीब नजर, श्री माणिकचंद चौबे, श्री नारायण प्रसाद नरोलिया, श्री मोहम्मद जमीर, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा और श्रीमती नारायणी देवी शामिल है।





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