किसान आंदोलन का उत्तर प्रदेश में भी असर, बागपत में चक्‍का जाम, लखनऊ में प्रदर्शन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   14:23
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किसान आंदोलन का उत्तर प्रदेश में भी असर, बागपत में चक्‍का जाम, लखनऊ में प्रदर्शन

पंजाब और हरियाणा के किसानों पर किये गये लाठी चार्ज पर आक्रोश जताते हुए भाकियू ने पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाम का एलान किया था। वहीं भाकियू के जाम को देखते हुए पुलिस ने मार्ग बदले हैं।

लखनऊ /बागपत। कृषि कानून वापस लेने की मांग के साथ शुरू हुए किसान आंदोलन में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर चक्‍का जाम और विरोध प्रदर्शन हुए। लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन ने अहिमामऊ-सुल्‍तानपुर रोड पर चक्‍का जाम की तैयारी की थी लेकिन प्रशासनिक मुस्‍तैदी से यह संभव नहीं हो सका। लखनऊ में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्‍यक्ष हरनाम सिंह वर्मा के नेतृत्‍व में किसानों ने चिनहट थाना क्षेत्र के नौबस्‍ता कला में प्रदर्शन किया।

हरनाम सिंह वर्मा ने बताया कि कृषि कानूनों को वापस लेने और किसानों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में उनके नेतृत्‍व में किसानों का दल सदर तहसील में प्रदर्शन करने जा रहा है। वर्मा ने कहा, ‘‘हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और अगर पुलिस हमें गिरफ़्तार करेगी तो गिरफ़्तारी देंगे।’’ अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्‍यवस्‍था प्रशांत कुमार ने लखनऊ में प्रदर्शन को बेअसर बताया है। उन्‍होंने कहा कि किसानों की चेतावनी को देखते हुए पूरे प्रदेश में कानून-व्‍यवस्‍था के दृष्टिगत व्‍यापक तैयारी की गई है। उधर बागपत से मिली खबर के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानूनों को वापस लेने और किसानों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में शुक्रवार को बागपत जिले में निवाड़ा पुल पर शुक्रवार को सोनीपत हाइवे को जाम किया। 

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पंजाब और हरियाणा के किसानों पर किये गये लाठी चार्ज पर आक्रोश जताते हुए भाकियू ने पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाम का एलान किया था। वहीं भाकियू के जाम को देखते हुए पुलिस ने मार्ग बदले हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि बागपत जिले में निवाड़ा पुल हरियाणा और उत्तर प्रदेश का बार्डर है। यहां किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मजिस्ट्रेट मौजूद हैं व भारी संख्या में पुलिस बल लगाया गया है। इसके साथ ही स्थानीय किसान नेताओं से पुलिस सम्पर्क बनाए हुए है।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मंत्रियों, सांसदों पर टिप्पणी करना पड़ सकता है भारी, बिहार पुलिस ने जारी किया आदेश तो राजद ने उठाया सवाल

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 22, 2021   12:07
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मंत्रियों, सांसदों पर टिप्पणी करना पड़ सकता है भारी, बिहार पुलिस ने जारी किया आदेश तो राजद ने उठाया सवाल

एडीजी नैयर हसनैन खान का पत्र सामने आने के बाद सियासी गलियों में भी हलचल शुरू हो गई। विपक्षी पार्टी राजद ने नीतीश कुमार पर ही हमला बोल दिया। ट्विटर पर लिखा कि सुशासन बाबु को मुखौटा उतरने का इतना खौफ है की अब लिखने की आजादी पर भी बंदिशें लगा दी गईं।

पटना। अगर आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। क्योंकि सोशल मीडिया पर अब आपत्तिजनक टिप्पणी करना और अनाप-शनाप लिखना आपको भारी पड़ सकता है। दरअसल, बिहार पुलिस ने आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। 

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बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों या फिर किसी सरकारी अफसर के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। पत्र में बताया गया है कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जो साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में टिप्पणी करने वाले व्यक्ति या फिर समूह के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जारी भ्रामक खबरों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अफसरों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

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राजद ने नीतीश कुमार को घेरा

एडीजी नैयर हसनैन खान का पत्र सामने आने के बाद सियासी गलियों में भी हलचल शुरू हो गई। विपक्षी पार्टी राजद ने नीतीश कुमार पर ही हमला बोल दिया। ट्विटर पर लिखा कि सुशासन बाबु को मुखौटा उतरने का इतना खौफ है की अब लिखने की आजादी पर भी बंदिशें लगा दी गईं। आवाम द्वारा नकारी गयी हुक़ूमतें ऐसी ही जुल्माना तरीके से पेश आती हैं।





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नोएडा में बम की खबर मिलने से मचा हड़कंप, मौके पर पहुंची पुलिस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   12:02
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नोएडा में बम की खबर मिलने से मचा हड़कंप, मौके पर पहुंची पुलिस

नोएडा में बम जैसी वस्तु की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। नोएडा पुलिस को सूचना दी कि छिजारसी गांव के पास उसने बम जैसी कोई वस्तु देखी है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर बम निरोधक दस्ते को, डॉग स्क्वाड तथा पुलिस के आला अधिकारियों को भेजा गया।

नोएडा। थाना फेस-3 क्षेत्र के छिजारसी गांव के पास बृहस्पतिवार सुबह राहगीरों को बम जैसी दिखने वाली कोई वस्तु नजर आई, लेकिन बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद पुष्टि की कि यह कोई विस्फोटक वस्तु नहीं है। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि एक ऑटो चालक ने आज सुबह नोएडा पुलिस को सूचना दी कि छिजारसी गांव के पास उसने बम जैसी कोई वस्तु देखी है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर बम निरोधक दस्ते को, डॉग स्क्वाड तथा पुलिस के आला अधिकारियों को भेजा गया।

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सिंह ने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने जांच की तो पता चला कि बम जैसे दिखने वाली वस्तु कोई विस्फोटक नहीं है। उक्त वस्तु को मौके से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बम जैसी वस्तु होने की सूचना मिलने से औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गयी। पुलिस को काफी देर तक यातायात का मार्ग भी बदलना पड़ा। सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सतर्क है तथा लोगों से अपील की जा रही है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो वह तुरंत पुलिस को सूचना दें। मालूम हो कि बुधवार को नोएडा के सेक्टर 27 स्थित कैलाश अस्पताल में बम होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने करीब तीन घंटे तक अस्पताल में छानबीन की। बाद में पता चला कि यह सूचना फर्जी थी।





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सोनिया गांधी ने अर्नब गोस्वामी मामले पर कहा- राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांटने वाले पूरी तरह बेनकाब हो गए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   11:58
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सोनिया गांधी ने अर्नब गोस्वामी मामले पर कहा- राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांटने वाले पूरी तरह बेनकाब हो गए

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्सएप बातचीत का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।

नयी दिल्ली।  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्सएप बातचीत का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकार ने किसान संगठनों के साथ बातचीत के नाम पर हैरान करने वाली असंवेदनशीलता और अहंकार दिखाया है।

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सोनिया ने कहा, ‘‘एक सप्ताह में संसद सत्र आरंभ होने जा रहा है। यह बजट सत्र है, लेकिन जनहित के कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पूरी तरह चर्चा किए जाने की जरूरत है। क्या सरकार इस पर सहमत होती है, यह देखने होगा।’’ केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ किसानों का आंदोलन जारी है और सरकार ने बातचीत के नाम पर हैरान करने वाली असंवेदनशीलता और अहंकार दिखाया है।’’

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उन्होंने यह भी कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि कानून जल्दबाजी में बनाए गए और संसद को इनके प्रभावों का आकलन करने का अवसर नहीं दिया गया। हम इन कानूनों को खारिज करते हैं क्योंकि ये खाद्य सुरक्षा की बुनियादों को ध्वस्त कर देंगे।’’ व्हाट्सएप बातचीत प्रकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में हमने बहुत ही परेशान करने वाली खबरें देखीं कि किस तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है.... जो लोग दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटते हैं वो अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।’’ उन्होंने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार निजीकरण को लेकर हड़बड़ी में है।





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