मंडी लोकसभा उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को डाले जाएंगे वोट, पौने 13 लाख लोग चुनेंगे मंडी का सांसद

मंडी लोकसभा उपचुनाव के लिए  30 अक्तूबर को डाले जाएंगे वोट, पौने 13 लाख लोग चुनेंगे मंडी का सांसद

अरिंदम चौधरी ने उपायुक्त कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। इस दौरान तहसीलदार निर्वाचन विजय शर्मा उनके साथ मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि पूरी चुनावी प्रक्रिया में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

मंडी ।  मंडी संसदीय क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि मंडी लोकसभा उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को होने वाले मतदान को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। उन्होंने बताया कि पहली अक्तूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। 8 अक्तूबर को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। 11 को नामांकन पत्रों को जांचा जाएगा। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 16 अक्तूबर है। 30 अक्तूबर को वोट डाले जांएगे. 2 नवंबर को मतगणना होगी।

 

 

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अरिंदम चौधरी ने उपायुक्त कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। इस दौरान तहसीलदार निर्वाचन विजय शर्मा उनके साथ मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि पूरी चुनावी प्रक्रिया में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

अरिंदम चौधरी ने बताया कि मंडी संसदीय क्षेत्र के तहत 6 जिलों के कुल 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, इनमें मंडी के 9 विधानसभा क्षेत्रों के अलावा कुल्लू के चार विधानसभा क्षेत्र, शिमला के रामपुर और चंबा के भरमौर क्षेत्र के साथ किन्नौर एवं लाहुल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। गौरतलब है कि मंडी का धर्मपुर क्षेत्र हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

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मंडी संसदीय क्षेत्र में कुल 12 लाख 85 हजार 903 मतदाता हैं। इनमें 6 लाख 38 हजार 499 महिला मतदाता और 6 लाख 47 हजार 399 पुरुष वोटर हैं। सर्विस वोटर की संख्या 13390 हैं। इसके साथ ही तीसरे जेंडर के 5 मतदाता हैं। अभी पहली अक्तूबर को वोटर लिस्ट अंतिम रूप में प्रकाशित होगी, इसलिए मतदाताओं के आंकड़े में छुटपुट परिवर्तन संभावित है।

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अरिंदम चौधरी ने बताया कि जिला मंडी में इस बार 8 लाख 15 हजार 463 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें महिला वोटरों की संख्या पुरूषों से अधिक है। महिला मतदाता 4 लाख 8 हजार 382 और पुरूष मतदाता 4 लाख 7 हजार 79 हैं। इसके अलावा 2 तीसरे जेंडर के मतदाता हैं।

अरिंदम चौधरी ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में लोकसभा उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को वोट डाले जा सकेंगे। इसके लिए 2365 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

कोरोना संक्रमितों-बुजुर्गों-दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रबंध

उपायुक्त ने बताया कि कोरोना संक्रमितों-80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और चलने फिरने में असमर्थ दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान को लेकर विशेष प्रबंध रहेंगे। ऐसे मतदाताओं के लिए घर से पोस्टल बैलेट के जरिए भी वोट डालने की व्यवस्था रहेगी। संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी इसे लेकर पूरा प्रबंध करेंगे।

उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी पोस्टल बैलेट से मतदान की इच्छा वाले पात्र मतदाताओं के घर जाकर उनसे इसे लेकर आवेदन पत्र भरवाएंगे। ये आवेदन पत्र संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी के पास जमा होेंगे। सहायक निर्वाचन अधिकारी मतदाता की पात्रता को लेकर निर्णय लेंगे। ऐसे सभी मतदाताओं की लिस्ट चुनावी उम्मीदवारों से भी साझा की जाएगी। उनकी वोटिंग के लिए विशेष पोलिंग पार्टी का गठन होगा, जो सहायक निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित दिन पर मतदाता के घर जाकर पोस्टल बैलेट से मतदान प्रक्रिया को पूरा करवाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, उम्मीदवारों, उनके एजेंटों को मतदान प्रक्रिया के दौरान पोलिंग पार्टी के साथ उपस्थित रहने का आग्रह किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे मतदाता, जो कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन मतदान केंद्र पर आकर अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं, उनके लिए मतदान के आखिरी घंटे में मतदान के लिए व्यवस्था रहेगी।

अरिंदम चौधरी ने बताया कि सभी मतदाताओं को लोकसभा उपचुनाव के दौरान 30 अक्तूबर को मतदान करने के लिए अपनी पहचान हेतु मतदान केन्द्र पर अपना मतदाता पहचान पत्र (वोटर कार्ड) प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश वोटर कार्ड उपलब्ध न हो तो पहचान हेतु आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पास बुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य/केन्द्र सरकार के लोक उपक्रम-पब्लिक लिमिटेड द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों-विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र तथा आधार कार्ड फोटोयुक्त वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किये जा सकते हैं।





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