तालिबान को लगा बड़ा झटका, जी7 देशों की बैठक में इस बात पर बनाई सहमति

G7 countries agreed on to give cooperation to Afghanistan
अफगानिस्तान में हालात इन दिनों बेहद खराब है। तालिबान अफगानिस्तान पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। अफगानिस्तान में बिगड़ते हालातों को लेकर आज जी7 देशों की बैठक हुई।

काबुल। अफगानिस्तान में हालात इन दिनों बेहद खराब है। तालिबान अफगानिस्तान पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। अफगानिस्तान में बिगड़ते हालातों को लेकर जी7 देशों की बैठक हुई। इस बैठक में अफगानिस्तान में पैदा हुए हालातों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। 

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इस बैठक में जी7 के हिस्से वाले सभी देशों के प्रमुखों ने अफगानिस्तान को लेकर चिंता जाहिर की। बैठक में अफगानिस्तान को हर संभव मदद देने की बात पर सहमति बनी है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सहयोग था क्योंकि अमेरिका की तरफ से लगातार देरी हो रही थी।

इस बैठक में अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को कुछ समय और बढ़ाने की बात की गई लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान में अपनी सेना को रखने से इंकार कर दिया है। बैठक से पहले ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि यहां अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को बढ़ाने को लेकर बात हो सकती है और इसका मकसद अफगानिस्तान में फंसे पश्चिमी देशों को निकालना था। 

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हालांकि तालिबान ने कहा था कि सैनिकों की मौजूदगी को बढ़ाने की बात हमसे नहीं की गई है और अगर मांगी भी जाती है तो परमिशन नहीं दी जाएगी। G7 की इस बैठक के जरिए अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया और इसी के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। अब अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपने सैनिकों की मौजूदगी बढ़ाने से इंकार कर दिया है तो ऐसे देखना होगा कि अफगानिस्तान में हालात बदतर होते हैं या फिर तालिबान से निपटने का कोई तरीका निकाला जाता है।

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