अंबेडकर जनमोर्चा दलित भागीदारी सम्मेलन 12 सितंबर को, कई नेता होंगे शामिल

अंबेडकर जनमोर्चा दलित भागीदारी सम्मेलन 12 सितंबर को, कई नेता होंगे शामिल
प्रतिरूप फोटो

न्यायपालिका से लेकर उद्योग धन्धे, व्यापार, राज्य सभा, विधान परिषद और सरकारी नौकरियों, भारत सरकार के सचिवालयों, मीडिया समेत तमाम क्षेत्रों में दलित पिछड़ों को भागीदारी नहीं मिला।

गोरखपुर। अम्बेडकर जन मोर्चा द्वारा दलित पिछड़ा भागीदारी सम्मेलन का आयोजन दिनांक 12 सितम्बर 2021 को गोरखपुर में होगा। दलित पिछड़ा भागीदारी सम्मेलन में मुख्य अतिथि ओम प्रकाश राजभर (पूर्व मंत्री उ. प्र. सरकार) और मुख्य वक्ता  दद्दू प्रसाद (पूर्व मंत्री. उ.प्र.सरकार) होंगे, तथा विशिष्ट अतिथि  जावेद इकबाल (पूर्व मंत्री. उ.प्र.सरकार) व  लालमणि प्रसाद (पूर्व मंत्री, उ.प्र. सरकार), डॉ. अलख निरंजन (दलित चिन्तक व विश्लेषण), डॉ. दुर्गाप्रसाद यादव (सामाजिक चिन्तक), मंजू लता (पूर्व विधान परिषद प्रत्याशी), आरपी मौर्या (सामाजिक व राजनीतिक नेता) होंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता  श्रवण कुमार निराला (मुख्य संयोजक - अम्बेडकर जन मोर्चा) करेंगे।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए अम्बेडकर जन मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव/मुख्य प्रवक्ता  बृजेश्वर निषाद (एडवोकेट) ने देते हुए बताया कि सम्मेलन में उ.प्र. के दलित पिछड़े, अल्पसंख्यक समाज के हक अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले अधिकतम नेता एक साथ आयेंगे । और सम्मेलन में उन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर आवाज उठायेंगे और संघर्ष की अगली रणनीति का ऐलान भी करेंगे। जिन अधिकारों को देश और प्रदेष की सरकार हमसे छीन रही है और उत्पीड़न के माध्यम से हमारे आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।  आजाद भारत में आज भी दलित पिछड़ा समाज अपने अधिकारों से वंचित है। न्यायपालिका से लेकर उद्योग धन्धे, व्यापार, राज्य सभा, विधान परिषद और सरकारी नौकरियों, भारत सरकार के सचिवालयों, मीडिया समेत तमाम क्षेत्रों में दलित पिछड़ों को भागीदारी नहीं मिला। 

यह सरकार के द्वारा एक बड़ी साजिश किया गया। अब दलित पिछड़ा समाज अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। गोरखपुर में आयोजित दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक भागीदारी सम्मेलन में सरकार की साजिशों का पर्दाफाश भी होगा और लड़ाई की रणनीति भी बनेगी। पूर्वी उ.प्र. में इस लड़ाई की रणनीति पर अम्बेडकर जन मोर्चा ने बड़ा होम वर्क कर लिया है। इसी की कड़ी में दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हितैषी सभी नेताओं को एक साथ लाने का यह कार्यक्रम बनाया गया है। 





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