जिला पंचायत चुनाव में भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह निर्विरोध निर्वाचित, DM ने दिया प्रमाण पत्र

जिला पंचायत चुनाव में भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह निर्विरोध निर्वाचित, DM ने दिया प्रमाण पत्र

कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कोर्ट में नाम वापसी का समय खत्म होते ही रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के. विजयेंद्र पांडियन उन्हें निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र दे दिया।

गोरखपुर। पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद से गोरखपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान आधी आबादी (महिला) के ही हाथ में रही है। यह इतिहास इस बार भी बरकरार रहा। साधना सिंह का निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। गोरखपुर के डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने उन्हें जीत का प्रमाण दे दिया। 

इसे भी पढ़ें: कोविड टीकाकरण पर दिया जाएगा जोर, धर्मगुरु- मुख्य चिकित्साधिकारी दूर करेंगे भ्रांतियां

बता दें कि कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कोर्ट में नाम वापसी का समय खत्म होते ही रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के. विजयेंद्र पांडियन उन्हें निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र दे दिया। नामांकन वाले दिन 26 जून को ही सिर्फ भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह और संगीता पासवान ने ही पर्चा भरा था। संगीता पासवान का पर्चा उसी दिन प्रस्तावक न रहने के कारण खारिज कर दिया गया था केवल औपचारिक घोषणा बाकी रह गई थी जिसे जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने प्रमाण पत्र देते हुए साधना सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा की। इससे पहले अब तक की महिला जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा साहनी-भाजपा 1995 से 2000, सुभावती पासवान-सपा 2000 से 2005, चिंता यादव-सपा 2005-2010, साधना सिंह-बसपा 2010 से 2015,गीतांजलि यादव- सपा 2015 से 2020 तक रही। जबकि साधना सिंह- भाजपा 2021 से 2026 जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान रहेंगी।

बता दें कि गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट इस बार सामान्य हुई थी। अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार किसी पुरुष को जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका मिलेगा। लेकिन साधना सिंह के चुनाव लड़ने की बात सामने आते ही इस कयास पर विराम लग गया। तय हो गया था कि छठवीं बार भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान आधी आबादी के हाथ में ही रहने वाली है। हुआ वही आरओ जिला अधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने सारी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह को प्रमाण पत्र देते हुए बधाई दी इस दौरान एडीएम वित्त राजेश कुमार सिंह व नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह के समर्थक मौजूद रहे। 

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर का पहला कोरोना मुक्त वार्ड हुआ हांसुपुर वार्ड, पॉजिटीव केस हुए कम 

नेताओं के लॉन्चिंग की हो रही तैयारी

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बिना किसी बाधा के काबिज होने के बाद अब भाजपा में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। कई ब्लॉकों में जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता अपने रिश्तेदारों एवं करीबियों की राजनीति में लॉचिंग की तैयारियों में जुट गए हैं। विभिन्न ब्लॉकों में पार्टी नेता अपने परिजनों और करीबियों को पार्टी प्रत्याशी बनाये जाने की फिराक में हैं। असल में भाजपा में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में अपने करीबी को चुनाव लड़ाने की मंशा रखने वालों को साधना सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष पर निर्विरोध निर्वाचन से बल मिला है। साधना सिंह कैंपियरगंज भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह की पत्नी हैं। अब दूसरे जन प्रतिनिधियों को भी लगता है कि वे अपने परिजनों और करीबियों को ब्लाक प्रमुख में चुनाव लड़ा सकते हैं।

ऐसे जन प्रतिनिधियों में खजनी के विधायक संत प्रसाद अपनी बहू शांति देवी को उरूवां ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ाने की तैयारी में जुटे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एनेक्सी भवन में हुई बैठक में भी पिछले दिनों उन्होंने अपनी बहू के लिए टिकट की मांग सार्वजनिक रूप से की थी। भटहट ब्लॉक में बीज प्राधिकरण निगम के उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह की बहू के भी चुनाव में लड़ने की तैयारियां तेज हैं। पिछले दिनों गोरखपुर से लखनऊ तक हल्ला मचा तब जब भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश निषाद टिकट की दावेदारी में पिछड़ता देख सपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले भाजपा में इस घटनाक्रम से हड़कंप की स्थिति थी। हालांकि राजेश निषाद सीएम की बैठक में मौजूद रहे। फिलहाल अब वे टिकट के लिए दावा करने की स्थिति में नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: कोरोना से जंग में आशा बहुओं की भूमिका महत्वपूर्ण: विनय शंकर तिवारी 

उधर कौड़ीराम ब्लॉक में पूर्व विधायक अंबिका सिंह की पुत्र बधू एवं गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता सिंह की ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चर्चे हैं। नीता सिंह कौड़ीराम ब्लॉक के वार्ड नंबर 76 से निर्विरोध चुनाव जीती हैं। साल 2005 से 2010 तक कौड़ीराम ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी है। भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह की पत्नी मीना सिंह व पुत्र शशि प्रकाश सिंह भी पाली ब्लॉक में चुनाव जीते हैं। हालांकि, पाली ब्लॉक प्रमुख के लिए शशि प्रकाश सिंह की दावेदारी कर रहे हैं। पार्टी में उनका टिकट भी पक्का माना जा रहा है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।