सरकार को किसानों की मांगें माननी होंगी और काले कानून वापस लेने होंगे: राहुल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   16:45
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सरकार को किसानों की मांगें माननी होंगी और काले कानून वापस लेने होंगे: राहुल

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने की अनुमति दे दी गई है और वे बुराड़ी के मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे पहले हरियाणा में कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को किसानों की मांगें माननी होंगी और ‘काले कानून’ वापस लेने होंगे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए था कि जब-जब अहंकार सच्चाई से टकराता है, पराजित होता है। सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे किसानों को दुनिया की कोई सरकार नहीं रोक सकती।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मोदी सरकार को किसानों की मांगें माननी ही होंगी और काले क़ानून वापस लेने होंगे। ये तो बस शुरुआत है!’’ उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने की अनुमति दे दी गई है और वे बुराड़ी के मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे पहले हरियाणा में कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


JEE मेन्स के पहले चरण में 95 फीसदी उम्मीदवार हुए शामिल, शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   08:49
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JEE मेन्स के पहले चरण में 95 फीसदी उम्मीदवार हुए शामिल, शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ट्वीट किया कि यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जेईई के पहले चरण की परीक्षा में 95 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई।

नयी दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शुक्रवार को कहा कि देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)-मेंस के पहले चरण में 95 फीसदी उम्मीदवार शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट किया कि यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जेईई के पहले चरण की परीक्षा में 95 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई। मुझे आशा है कि एनटीए भविष्य में भी सफलतापूर्वक परीक्षा का आयोजन करेगा। प्रवेश परीक्षा मंगलवार से शुरू हुई थी। 

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ऐसा पहली बार है जब 13 भाषाओं में परीक्षा आयोजित की गई, जिनमें असमी, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती शामिल है। छात्रों की सुविधा के मद्देनजर इस साल से परीक्षा वर्ष में चार बार आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के अगले चरण मार्च, अप्रैल और मई में आयोजित किए जाएंगे। 

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जेईई परीक्षा 311 शहरों के 828 केद्रों पर आयोजित की गई। इनमें विदेश के 10 केंद्र - बहरीन, कोलंबो, दोहा, दुबई, काठमांडू, मस्कट, रियाद, शारजाह, सिंगापुर और कुवैत में बने परीक्षा केंद्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान कोविड-19 संबंधी सभी प्रोटोका-ल का पालन किया गया।





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किसान कांग्रेस के सदस्यों ने कृषि मंत्री के आवास के बाहर किया प्रदर्शन, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   08:44
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किसान कांग्रेस के सदस्यों ने कृषि मंत्री के आवास के बाहर किया प्रदर्शन, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की

किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि किसान अंत तक लड़ेंगे और सरकार को उनकी मांगों को मानना चाहिये तथा तीनों काले कानूनों को वापस लेना चाहिये।

नयी दिल्ली। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के सदस्यों ने शुक्रवार को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ यहां केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर ‘‘सोई हुई सरकार को जगाने के प्रयास के तहत कृषि मंत्री के आवास का घेराव किया।’’ 

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उन्होंने कहा कि ‘‘तीनों काले कानूनों’’ को पारित किये जाने के समय से ही किसान कांग्रेस कृषकों के साथ खड़ी है और उनके मुद्दे का समर्थन कर रही है। सोलंकी ने कहा, ‘‘किसान अंत तक लड़ेंगे और सरकार को उनकी मांगों को मानना चाहिये तथा तीनों काले कानूनों को वापस लेना चाहिये।’’ कुछ कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के दौरान थोड़े समय के लिये हिरासत में लिया गया।





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अयोध्या से जल्द शुरू होंगी उड़ानें, मुख्यमंत्री योगी बोले- हवाईअड्डे का विस्तार चलता रहेगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   08:39
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अयोध्या से जल्द शुरू होंगी उड़ानें, मुख्यमंत्री योगी बोले- हवाईअड्डे का विस्तार चलता रहेगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसके साथ ही हवाईअड्डे के विस्तार की कार्यवाही चलती रहेगी, जिसमें एयर बस और अन्य बड़े यात्री विमानों का आवागमन बेहतर तरीके से हो सके।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या हवाईअड्डे से जल्द ही उड़ानें शुरू होंगी। साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाने के प्रस्ताव पर भारत सरकार ने अपना अनुमोदन दिया है और इसके लिए वहां पर तत्काल एटीआर 72 जैसे विमानों के संचालन के लिए 250 करोड़ रुपए हवाईअड्डा निर्माण के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हवाईअड्डे के विस्तार की कार्यवाही चलती रहेगी, जिसमें एयर बस और अन्य बड़े यात्री विमानों का आवागमन बेहतर तरीके से हो सके। 

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एक सरकारी बयान के अनुसार, आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि के रूप में विख्यात है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर चल रही है। अयोध्या भारत की सनातन आस्था का केंद्र बिंदु होने के नाते लाखों की संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग पर्व और त्योहारों में दर्शन करने आते हैं। ऐसे में अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को विकसित करने के लिए कई योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जानते हैं कि दुनिया के तमाम देशों में भारतीय मूल के नागरिक और अप्रवासी भारतीय बड़ी संख्या में रहते हैं। उनकी ईच्छा होती है कि वे भी अयोध्या आ सकें। इसलिए यूपी सरकार ने अयोध्या की एयरस्ट्रिप को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसितकरने का एक प्रस्ताव भारत सरकार के पास भेजा था। हवाईअड्डे के निर्माण के लिए करीब एक हजार करोड़ की धनराशि प्रदेश सरकार ने भूमि क्रय करने के लिए जिला प्रशासन को दी है और अधिग्रहण की कार्यवाही तेजी से चल रही है। अब तक 377 एकड़ से अधिक भूमि क्रय की जा चुकी है और युद्ध् स्तर पर इसे आगे बढ़ा रहे हैं।





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