UP के राज्‍यपाल और मुख्‍यमंत्री ने किया सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 31, 2020   15:16
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UP के राज्‍यपाल और मुख्‍यमंत्री ने किया सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण
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राज्यपाल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 146वीं जयंती के अवसर पर जौनपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पटेल की नव स्थापित प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण किया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की जयंती पर राजभवन स्थित मुख्‍य लॉन में उनकी प्रतिमा का शनिवार को अनावरण किया और पुष्‍प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजभवन से जारी बयान के अनुसार अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा,‘‘महात्मा गांधी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व के संबंध में कहा था कि यदि मेरे साथ सरदार पटेल न होते तो आजादी मिलने में और 10 साल लग जाते। राज्यपाल ने कहा,‘‘अंग्रेजों के मन में यह भाव था कि इन्हें आजादी दे दो लेकिन अखण्ड भारत तो बनेगा नहीं, क्योंकि 562 रियासतों के राजा-रजवाड़े अपना राज छोड़ने वाले नहीं हैं।’’

आनंदी बेन पटेल ने कहा, सरदार पटेल का व्यक्तित्व एवं प्रभाव ऐसा था कि धीरे-धीरे सभी रियासतों के राजा-रजवाड़ों ने उनकी बात मानकर अखण्ड भारत के सपने को साकार किया।’’ इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र तिवारी, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन एवं कृतित्व पर लगायी गयी छाया चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल ने जनक सिंह मीना की पुस्तक ‘सरदार पटेल व्यक्तित्व, विचार एवं राष्ट्र निर्माण’ का विमोचन भी किया। 

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इससे पूर्व राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने जीपीओ पार्क स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलायी। इसके पहले राज्यपाल ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 146वीं जयंती के अवसर पर जौनपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पटेल की नव स्थापित प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि एवं आचार्य नरेन्द्र देव की जयंती पर तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।





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CM अमरिंदर ने किसानों के संघर्ष को बताया न्यायपूर्ण, कहा- सरकार किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:15
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CM अमरिंदर ने किसानों के संघर्ष को बताया न्यायपूर्ण, कहा- सरकार किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही
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पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार इन ‘काले कानूनों’ के खिलाफ किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह उस पर ‘बैठ’ गए हैं।

सुलतानपुर लोधी। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के संघर्ष को ‘न्यायपूर्ण’ बताते हुये केंद्र सरकार से सवाल किया कि वह किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही है और इस मुद्दे पर उसका हठी रवैया क्यों है। सिंह ने दोहराया कि उनकी सरकार इन ‘काले कानूनों’ के खिलाफ किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

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मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कस्बों सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक की यात्रा के दौरान अनौपचारिक तौर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘ जनता की बात सुनना सरकार का काम है । अगर कई राज्यों के किसान इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे वास्तव में दुखी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इन कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मोदी शुरू से यही कह रहे हैं और यही वजह है कि पंजाब इसके लिए अपने विधेयक लेकर आया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह उस पर ‘बैठ’ गए हैं।





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किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:03
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किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिये आने का न्यौता दिया है। यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी एवं सर्दी का हवाला देते हुये तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिये आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले पांच दिनों से धरने पर हैं । केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा।

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तोमर ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी एवं सर्दी को ध्यान में रखते हुये हमने किसान यूनियनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के ​लिये आने का न्यौता दिया है। उन्होंने बताया कि अब यह बैठक एक दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलायी गयी है। उन्होंने बताया कि 13 नवंबर को हुई बैठक में शामिल सभी किसान नेताओं को इस बार भी आमंत्रित किया गया है।

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इस बीच कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने 32 किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों को पत्र लिख कर एक दिसंबर को चर्चा के लिये आमंत्रित किया है। अग्रवाल ने जिन संगठनों को पत्र लिखा है उनमें क्रांतिकारी किसान यूनियन, जम्मुहारी किसान सभा, भारतीाय किसान सभा (दकुदा), कुल हिंद किसान सभा और पंजाब किसान यूनियन शामिल हैं। इससे पहले 13 नवंबर को हुयी बैठक बेनतीजा रही थी और केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों को तीन दिसंबर को दूसरे दौर की बातचीत के लिये आमंत्रित किया था ताकि तीन नये कृषि कानूनों से उपजी उनकी चिंताओं का निराकरण किया जा सके।





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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 30, 2020   23:30
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भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम गुरु नानक टेकरी रखने की माँग
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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने  प्रदेश की राजधानी  भोपाल स्थित ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि भोपाल की यह टेकरी ऐतिहासिक रूप से गुरु नानक देव जी की स्मृतियों से जुड़ी हुई है। वही रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद शहर का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की वकालत की है। 

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भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाए। उन्होंने कहा कि 500 साल पहले जब गुरु नानक देव जी भारत भ्रमण पर निकले थे, तब वे भोपाल भी आए थे। यहां गुरु नानक देव जी उसी टेकरी पर आए थे, जिसे ईदगाह हिल्स कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पहले इस टेकरी को गुरुनानक टेकरी कहा जाता था, लेकिन बाद में यहां ईदगाह बन गई और उसका नाम ईदगाह हिल्स पड़ गया। अब इसे बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाना चाहिए। वही रामेश्वर शर्मा ने कहा कि होशंगाबाद का नाम भी बदलकर नर्मदापुरम किया जाना चाहिए। 





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