• COVID-19 से पैरेंट्स को खोने वाले बच्चों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार लॉन्च करेगी पोर्टल!

आपको बता दें कि 29 मई को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस योजना को शुरू किया गया था। बता दें कि इस योजना के तहत 10 साल के कम उम्म के बच्चों को निजी स्कुलों में डे-स्कॉलर के रूप में प्रवेश मिलेगा।

कोरोना महामारी से अपने माता-पिता दोनों को खोने वाले सभी बच्चों की मदद के लिए सरकार ने एक पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर ली है। टीओआई में छपी एक खबर के मुताबिक, सरकार "पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम" के तहत मार्च 2020 में कोरोना महामारी के बाद से अपने माता-पिता, अभिभावकों को खोने सभी बच्चों को लॉन्ग टर्म की सहायता प्रदान की जाएगी। इस स्कीम के तहत बच्चों को मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा और अन्य लाभ मिलेगा। इस योजना के अनुसार, 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को मासिक स्कॉलरशीप और 23 साल की उम्र में 10 लाख तक फंड दिया जाएगा।

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आपको बता दें कि 29 मई को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस योजना को शुरू किया गया था। बता दें कि इस योजना के तहत 10 साल के कम उम्म के बच्चों को निजी स्कुलों में डे-स्कॉलर के रूप में प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा बच्चो को मुफ्त पुस्तकें और नोटबुक्स भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस स्कीम के लिए पोर्टल तैयार किया जाएगा जिसके तहत बाल कल्याण समितियों और जिला मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग लॉगिन सुविधाएं दी जाएगी। बच्चे की पूरी डिटेल भरने के लिए एक मैनुअल तैयार किया गया है और इसके परिक्षण के लिए राज्यों को शेयर किया गया यह पोर्टल जल्द ही ऑफिशियल रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कोरोना महामारी के दौरान एक या दोनों माता-पिता को खोने वाले बच्चों के संबंध में राज्यों द्वारा भेजे जा रहे डेटा को इक्ट्ठा कर रहा है। इनमें वह बच्चें भी शामिल हैं जिन्होंने कोरोना के कारण अपने माता-पिता को नहीं खोया था।