हेलीकॉप्टर हादसे के एकलौते सर्वाइवर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, जिसने अपनी जान दांव पर लगा दी पर तेजस को क्रैश नहीं होने दिया

हेलीकॉप्टर हादसे के एकलौते सर्वाइवर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, जिसने अपनी जान दांव पर लगा दी पर तेजस को क्रैश नहीं होने दिया

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का करियर जांबाजी के कारनामों से भरा पड़ा है। उन्होंने हमारे लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और हमारी वायुसेना की शान को अपनी जान पर खेल कर बचाया। वरुण सिंह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 15 अगस्त 2021 को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

भारतीय वायु सेना का एमआई-17V5 हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कन्नूर में क्रैश हो गया। हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गई। लेकिन भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। ग्रुप कैप्टन सिंह गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्विट करते हुए हादसे में बचे एक मात्र सवार को लेकर ट्विट करते हुए कहा कि इस हादसे में अपनों को खोने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का करियर जांबाजी के कारनामों से भरा पड़ा है। उन्होंने हमारे लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और हमारी वायुसेना की शान को अपनी जान पर खेल कर बचाया। वरुण सिंह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 15 अगस्त 2021 को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। 

विमान को क्रैश से बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी  

एलसीए तेजस के पास ऐसा रिकॉर्ड है जो अपने आप में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। एलसीए तेजस आज तक किसी भी क्रैश में शामिल नहीं हुआ। एलसीए तेजस के साथ आज तक किसी भी तरह की कोई दुर्घटना नहीं हुई। लेकिन तेजस का ये रिकॉर्ड 12 अक्टूबर 2020 को टूटते-टूटते बचा था। इसे बचाने का पूरा श्रेय उस वक्त के विंग कमांडर वरुण सिंह को जाता है। दरअसल, 12 अक्टूबर 2020 को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने एक बयान के जरिये सभी को चौंका दिया। बयान में कहा गया कि विंग कमांडर वरुण सिंह एलसीए तेजस की एक चेक स्योरिटी प्रफॉर्म कर रहे थे जहां पर उन्हें एक सिस्टम चेक शॉट देना था। जब उन्होंने टेक ऑफ किया तो सबकुछ नॉर्मल रहा। लेकिन 10 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अचानक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और लाइफ सपोर्ट सिस्टम में कुछ गड़बड़ी दिखने लग गई। ऐसे में इन्होंने तुरंत एयरक्रॉफ्ट को हाई अल्टीट्यूड से लो अल्टीट्यूड पर लेकर आए। लेकिन तभी  फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया। वरुण सिंह के पास दो ऑपस्न थे एक या तो वो इजेक्ट कर जाए या भीड़ वाले इलाके में विमान को गिरने से बचाए। अपनी जान की परवाह न करते हुए वरुण सिंह ने काफी कोशिश के बाद एयरक्रॉफ्ट को लैंड करवाया। उन्हें यह सम्मान 2020 में एक हवाई आपातकाल के दौरान अपने एलसीए तेजस लड़ाकु विमान को बचाने के लिए मिला था।





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