Bhupendra Patel सरकार ने बढ़ाई CM Fellowship सीटें, 45 प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे युवा

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सरकार ने सरदार पटेल गुड गवर्नेंस CM फेलोशिप प्रोग्राम का विस्तार किया है। इसके तहत फेलो की संख्या बढ़ाकर 47 और परियोजनाओं की संख्या 45 कर दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने IIM अहमदाबाद को नॉलेज पार्टनर बनाया है, जिससे युवाओं को प्रशासनिक सुधार और नीति विश्लेषण का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 'सरदार पटेल गुड गवर्नेंस CM फेलोशिप प्रोग्राम' का विस्तार किया है। इसके तहत फेलो की संख्या 41 से बढ़ाकर 47 कर दी गई है, और परियोजनाओं की संख्या 20 से बढ़कर 45 हो गई है। मुख्यमंत्री के सीधे मार्गदर्शन में काम करने वाले सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस निर्णय की घोषणा की है। इसका उद्देश्य युवा पेशेवरों को राज्य के विभिन्न विकास क्षेत्रों में शोध, नीति विश्लेषण, प्रशासनिक समन्वय और सरकारी योजनाओं के मूल्यांकन में योगदान देने के अधिक अवसर प्रदान करना है।
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GAD द्वारा जारी नए प्रस्ताव में, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (IIM अहमदाबाद) को इस कार्यक्रम के लिए 'नॉलेज पार्टनर' (ज्ञान भागीदार) के रूप में नामित किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि फेलोशिप की देखरेख के लिए नॉलेज पार्टनर की ओर से एक वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य को नियुक्त किया जाएगा। 'CM फेलोशिप प्रोग्राम' के तहत, ज्ञान, शोध विशेषज्ञता और विश्लेषणात्मक कौशल रखने वाले युवाओं को राज्य प्रशासन के साथ एक से दो साल तक काम करने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें सरकारी कामकाज का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
उनकी विशेषज्ञता का उपयोग सामाजिक सेवाओं को बेहतर बनाने, जन कल्याणकारी योजनाओं को अधिक परिणाम-उन्मुख (outcome-oriented) बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए किया जाएगा। इस विस्तारित फेलोशिप में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पोषण, कृषि, सामाजिक विकास, शहरी प्रशासन, पर्यावरण और लोक प्रशासन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे। ये परियोजनाएं योजनाओं को लागू करने में आने वाली चुनौतियों की पहचान करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए व्यावहारिक सुझाव देने पर केंद्रित होंगी।
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बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए, इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेवाओं, पोषण, एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और आपस में जुड़ी लाइब्रेरी से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 'पीएम पोषण' मिड-डे मील योजना और 'एकीकृत बाल विकास सेवा' (ICDS) को मजबूत करने के लिए, पूरे राज्य में केंद्रीकृत रसोई सुविधाओं (सेंट्रलाइज्ड किचन) के विस्तार की एक परियोजना को भी इसमें शामिल किया गया है।
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