Gulzar Singh Suicide Case: पंजाब पुलिस की SIT जांच पर सवाल, हाई कोर्ट मांगी स्टेटस रिपोर्ट

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ANI
अभिनय आकाश । Sep 16 2026 12:17PM

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने गुलज़ार सिंह आत्महत्या मामले में पंजाब पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। यह निर्देश मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। गुलज़ार सिंह ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे के मुद्दे पर सवाल पूछने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस से गुलज़ार सिंह की आत्महत्या की चल रही जांच के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। यह निर्देश एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें जांच को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंपने की मांग की गई थी। दिरबा निर्वाचन क्षेत्र के तुर बंजारा गांव के रहने वाले गुलज़ार सिंह ने ड्रग्स की लत से अपने परिवार पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताने और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने के बाद आत्महत्या कर ली थी। हालांकि राज्य पुलिस ने मामले की जांच के लिए पहले एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी, लेकिन विपक्षी दलों ने शुरुआती FIR में मंत्री का नाम शामिल न किए जाने को लेकर भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी आलोचना की है। हाई कोर्ट ने अब तक हुई प्रगति के बारे में जानकारी मांगते हुए सही जांच सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

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गौरतलब है कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से 'नशे की समस्या को रोकने में नाकाम रहने' पर सवाल पूछने के बाद कथित तौर पर परेशान किए जाने के कारण दलित मज़दूर गुलज़ार सिंह ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने AAP सरकार को मुश्किल में डाल दिया है, क्योंकि विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के चौतरफ़ा हमलों का सामना कर रही है। ऐसे समय में जब आप विपक्ष में अपनी अहमियत बनाए रखने के लिए देश में अपनी एकमात्र सरकार को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है, इस दुखद घटना ने उसके विरोधियों को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि पंजाब में अनुसूचित जातियों की आबादी लगभग 32% है, जो किसी भी राज्य में सबसे ज़्यादा है और वे वोटिंग के लिहाज़ से एक बहुत अहम वर्ग हैं।

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इस मामले पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में इस हफ़्ते सुनवाई होने की संभावना है और गुलज़ार सिंह का परिवार भी याचिकाकर्ताओं में शामिल है। अपने बेटे की नशे की लत से परेशान इस दलित मज़दूर ने AAP सरकार के एक प्रभावशाली नेता चीमा से एक जनसभा में सवाल पूछा था कि उनके चुनाव क्षेत्र में आने वाले गाँव में 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग) आसानी से क्यों मिल रहा है।

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