Mamata Banerjee की TMC में इस्तीफों की हैट्रिक, सांसद Prakash Chik Baraik ने भी Rajya Sabha छोड़ी

तृणमूल कांग्रेस में संकट गहरा गया है, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने इस्तीफा दे दिया है, जो इस सप्ताह पार्टी छोड़ने वाले तीसरे सांसद हैं; यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ती बगावत और संगठनात्मक कमजोरी को उजागर करता है।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक ने बृहस्पतिवार को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस सप्ताह इस्तीफा देने वाले वह पार्टी के तीसरे सांसद हैं। सूत्रों के अनुसार, बराइक ने राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। अपने इस्तीफे में पश्चिम बंगाल से सांसद बराइक ने लिखा, ‘‘मैं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं, जिसे कृपया तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए।’’ उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग के लिए सभापति, उपसभापति और राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया।
पश्चिम बंगाल के एक आदिवासी नेता बराइक उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण पर संसद की स्थायी समिति तथा जनजातीय मामलों की परामर्शदात्री समिति के सदस्य थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस से लगातार इस्तीफे हो रहे हैं। सोमवार को राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और बाद में तृणमूल नेतृत्व से मतभेदों का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद बुधवार को राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव ने संसद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। बाद में देव ने नयी दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से मुलाकात की, जिससे उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर अटकलें तेज हो गईं।
बराइक के इस्तीफे के साथ ही तृणमूल कांग्रेस इस सप्ताह अपने तीन राज्यसभा सदस्यों को खो चुकी है, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी के भीतर बगावत के बाद तृणमूल गंभीर संकट का सामना कर रही है, जिससे उसकी संगठनात्मक और विधायी ताकत काफी कमजोर हुई है। पिछले सप्ताह पार्टी के दो-तिहाई से अधिक (80 में से 58) विधायक आधिकारिक तृणमूल कांग्रेस विधायक दल से अलग हो गए और निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी समूह के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली। बागी गुट का दावा है कि तब से उसकी संख्या और बढ़ी है।
यह संकट बाद में संसद तक भी पहुंच गया। बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीकार ने दावा किया कि उन्हें लोकसभा के 20 से अधिक सांसदों का समर्थन प्राप्त है। बुधवार को जादवपुर से सांसद सायोनी घोष और कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय भी असंतुष्ट सांसदों के खेमे में शामिल हो गईं।
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