हिंदू महासभा ने जिला प्रशासन से नाथूराम गोडसे की मूर्ति स्थापित करने की मांगी अनुमति

हिंदू महासभा ने जिला प्रशासन से नाथूराम गोडसे की मूर्ति स्थापित करने की मांगी अनुमति

इससे पहले हिंदू महासभा ने साल 2017 में गोडसे की मूर्ति स्थापित कर मंदिर का निर्माण कराया था जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। जिसके बाद प्रशासन ने मूर्ति को जब्त कर मंदिर को बंद कर दिया। नाथूराम गोडसे की मूर्ति अभी भी जिला प्रशासन के कब्जे में है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हिंदू महासभा ने जिला प्रशासन से नाथूराम गोडसे और उनके साथी नारायण आप्टे की मूर्तियों को ग्वालियर स्थित अपने कार्यालय में स्थापित करने की अनुमति मांगी है।उन्होंने जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा है। पत्र में लिखा है कि विश्व मानवाधिकार दिवस पर मूर्तियों को स्थापित करने की अनुमति दी जाए।

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आपको बता दें कि इससे पहले हिंदू महासभा ने साल 2017 में गोडसे की मूर्ति स्थापित कर मंदिर का निर्माण कराया था जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। जिसके बाद प्रशासन ने मूर्ति को जब्त कर मंदिर को बंद कर दिया। नाथूराम गोडसे की मूर्ति अभी भी जिला प्रशासन के कब्जे में है।

हालांकि हिंदू महासभा ने गोडसे की जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने व्याख्यान श्रृंखला के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया लेकिन जिला प्रशासन उन्हें अभी तक रोकने में विफल रहा।

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जानकारी मिली है कि हाल ही में नाथूराम गोडसे और उनके सहयोगी नारायण दत्तात्रेय आप्टे की 72वीं पुण्यतिथि पर हिंदू महासभा ने नई मूर्ति के साथ नाथूराम गोडसे की पूजा की और कहा कि जल्द ही नारायण दत्तात्रेय आप्टे की प्रतिमा तैयार की जा रही है। दोनों प्रतिमाएं हिंदू महासभा कार्यालय में स्थापित की जाएंगी।

वहीं हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जमीर भारद्वाज ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों के सभी प्रमुख शहरों में नाथूराम गोडसे और उनके सहयोगियों आप्टे की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी ताकि युवा पीढ़ी उनके विचारों को जान सके।





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