'आजादी का संग्राम सिर्फ कुछ लोगों का नहीं है इतिहास', PM मोदी बोले- भारत के कण-कण के त्याग और बलिदान का है इतिहास

PM Modi
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अनुराग गुप्ता । Jul 04, 2022 12:34PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आंध्र की इस धरती की महान आदिवासी परंपरा को, इस परंपरा से जन्में सभी महान क्रांतिकारियों और बलिदानियों को भी आदरपूर्वक नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू गारू की 125वीं जन्मजयंती और रम्पा क्रांति की 100वीं वर्षगांठ को पूरे वर्ष सेलिब्रेट किया जाएगा।

अमरावती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीमावरम में स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज एक और देश आजादी के 75 वर्ष का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो साथ ही अल्लुरी सीताराम राजू जी की 125वीं जयंती के अवसर भी है।

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उन्होंने कहा कि संयोग से इसी समय देश की आजादी के लिए हुए रम्पा क्रांति के 100 साल भी पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं आंध्र की इस धरती की महान आदिवासी परंपरा को, इस परंपरा से जन्में सभी महान क्रांतिकारियों और बलिदानियों को भी आदरपूर्वक नमन करता हूं।

उन्होंने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू गारू की 125वीं जन्मजयंती और रम्पा क्रांति की 100वीं वर्षगांठ को पूरे वर्ष सेलिब्रेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंडरंगी में उनके जन्मस्थान का जीर्णोद्धार, चिंतापल्ली थाने का जीर्णोद्धार, मोगल्लू में अल्लूरी ध्यान मंदिर का निर्माण, ये कार्य हमारी अमृत भावना के प्रतीक हैं।

इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी का संग्राम केवल कुछ वर्षों का, कुछ इलाकों का, या कुछ लोगों का इतिहास नहीं है। उन्होंने कहा कि ये इतिहास, भारत के कोने-कोने और कण-कण के त्याग, तप और बलिदानों का इतिहास है। उन्होंने कहा कि हमारे स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास हमारी विविधता की शक्ति का, हमारी सांस्कृतिक शक्ति का, एक राष्ट्र के रूप में हमारी एकजुटता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अल्लुरी सीताराम राजू गारू भारत की सांस्कृतिक और आदिवासी पहचान, भारत के शौर्य, आदर्शों और मूल्यों के प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि सीताराम राजू गारू के जन्म से लेकर उनके बलिदान तक, उनकी जीवन यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना जीवन आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए, उनके सुख-दुःख के लिए और देश की आज़ादी के लिए अर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के आध्यात्म ने सीताराम राजू गारू को करुणा और सत्य का बौद्ध दिया। आदिवासी समाज के लिए समभाव और मम्भाव दिया, त्याग और साहस दिया।

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उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में देश की आजादी के लिए युवाओं ने आगे आकर नेतृत्व किया था। आज नए भारत के सपनें को पूरा करने के लिए आज के युवाओं को आगे आने का ये सबसे उत्तम अवसर है। उन्होंने कहा कि आज देश मे नए अवसर हैं, नए नए आयाम खुल रहे हैं, नई सोच है, नई संभावनाएं जन्म ले रही हैं। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए बड़ी संख्या में हमारे युवा ही इन जिम्मेदारियों को आने कंधों पर उठाकर देश को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश वीरों और देशभक्तों की धरती है। यहां पिंगली वेंकैया जैसे स्वाधीनता नायक हुये, जिन्होंने देश का झंडा तैयार किया। ये कन्नेगंटी हनुमंतु, कन्दुकूरी वीरेसलिंगम पंतुलु और पोट्टी श्रीरामूलु जैसे नायकों की धरती है।

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