उत्तर प्रदेश: धर्मांतरण गैंग से जुड़ा IAS अफसर का कनेक्शन, डिप्टी सीएम बोले- होगी जांच

उत्तर प्रदेश: धर्मांतरण गैंग से जुड़ा IAS अफसर का कनेक्शन, डिप्टी सीएम बोले- होगी जांच

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसकी जांच कराए जाने की बात कही है। केशव मौर्य ने कहा कि कानपुर तथा उन्नाव दौरे के समय मुझे कुछ लोगों ने इस प्रकरण के बारे में जानकारी दी थी।

धर्म परिवर्तन गिरोह से जुड़ा एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन सामने दिखाई दे रहे है। इसमें वह कुछ मुस्लिम समाज के लोगों के बीच बैठे हुए है। लेकिन विवाद तब बढ़ यगा जब वह धर्म परिवर्तन के फायदे गिना रहे वक्ताओं को सुन रहे है। वायरल वीडियो में आईएएस इफ्तिखारुद्दीन इस्लाम धर्म के प्रचार की भी बातें कर रहे हैं जो कि हैरान करने वाला है। हालांकि यह वीडियो कब का है और किस ने शूट किया है इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है और ना ही हम इसकी पुष्टि कर रहे है। लेकिन इस पर राजनीति शुरू हो गई है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसकी जांच कराए जाने की बात कही है। केशव मौर्य ने कहा कि कानपुर तथा उन्नाव दौरे के समय मुझे कुछ लोगों ने इस प्रकरण के बारे में जानकारी दी थी। अभी मैं इसके बारे में और भी ज्यादा पता करने की कोशिश कर रहा हूं और यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि हम इस के तह तक जाएंगे और इसकी जांच कराएंगे। अगर इसमें आईएएस अफसर से जुड़ा कुछ मामला सामने आता है तो हम कार्रवाई जरूर करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: ओवैसी ने चारमीनार को बताया अपने अब्बा की इमारत, मोदी-योगी और राहुल को लेकर कही ये बात

कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने कहा कि वरिष्ठ आइएएस इफ्तिखारुद्दीन से जुड़े कई वायरल वीडियो संज्ञान में आए हैं। जांच कराई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद हंगामा मच गया है। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन गिरोह के खिलाफ बड़े पैमाने पर मुहिम चल रही है। आपको बता दें इफ्तिखारुद्दीन लखनऊ में परिवहन विभाग में फिलहाल तैनात हैं। इससे पहले वह कानपुर में कमिश्नर के पोस्ट पर थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।