Congress के नए कार्यकारी अध्यक्ष Imran Masood बोले, पार्टी हित सर्वोपरि रहेगा

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने शुक्रवार को कहा कि वह नेतृत्व के भरोसे पर खरा उतरने के लिए चौबीसों घंटे काम करेंगे। सहारनपुर से सांसद मसूद ने साफ किया कि पार्टी के हितों से किसी स्तर पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की मजबूत वापसी का भी भरोसा जताया।
लखनऊ, दो अक्टूबर कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने शुक्रवार को कहा कि वह पार्टी नेतृत्व की ओर से उन पर जताए गए भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे और पार्टी का हित उनके लिए सर्वोपरि रहेगा। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को जब शुक्रवार शाम कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की खबर आई, उस समय वह एक शादी समारोह में थे। मसूद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह पार्टी के हित में लिए गए फैसलों को लागू करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ चौबीसों घंटे काम करेंगे।
उन्होंने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरे लिए पार्टी का हित सर्वोपरि है। नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने और अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने की हरसंभव कोशिश करूंगा।’’ मसूद की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीट बंटवारा होना है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने हाल में कहा था कि पार्टी सपा के साथ गठबंधन में 150 से कम सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी।
इस बारे में पूछे जाने पर मसूद ने कहा, ‘‘मुझे इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन अगर हमारे प्रदेश प्रभारी ने कोई संख्या बताई है तो हम उस पर कायम रहेंगे। हालांकि, गठबंधन का ब्योरा इस तरह फोन पर बातचीत में तय नहीं होगा।
अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व लेगा और पार्टी जो कहेगी, हम वही मानेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप सब मुझे जानते हैं, मैं जैसा हूं वैसा ही रहूंगा।’’ मसूद ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्तर पर पार्टी के हितों से समझौता न हो। हाल में मसूद ने कहा था कि देशभर में राहुल गांधी ही विपक्ष की वह आवाज हैं जो भाजपा को चुनौती दे सकती है। इसके जवाब में कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने में अखिलेश यादव सक्षम हैं और कांग्रेस अपने दम पर ज्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाएगी।
दोनों नेताओं के इन बयानों से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों सहयोगी दलों के बीच नेतृत्व और सीट बंटवारे को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे। मसूद ने कहा, ‘‘हम अच्छा करेंगे और यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी का जो ग्राफ ऊपर जा रहा है, वह आगे भी बढ़ता रहे। आप देखेंगे कि 2027 में उत्तर प्रदेश में पार्टी की वापसी की पटकथा लिखी जाएगी।
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