1300 की आबादी, 27000 जन्म और मृत्यु के सर्टिफिकेट! Maharashtra में CRS Software SCAM? फ्रॉड की जांच करेगी SIT

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में 1,300 की आबादी वाले गांव में 27,000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने के बाद सरकार ने धोखाधड़ी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। यह मामला सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अब महाराष्ट्र साइबर की विशेष टीम करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है, जब 1,300 की आबादी वाले एक गांव में करीब 27,000 जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन किए गए। जबकि शेंदुरसानी ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 1,300 है, सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के ज़रिए जारी किए गए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों की संख्या लगभग 27,000 है। यह आंकड़ा गांव की आबादी के हिसाब से बिल्कुल मेल नहीं खाता है और डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म से जुड़े दुरुपयोग, हेरफेर या धोखाधड़ी वाली गतिविधि का गहरा शक पैदा करता है।
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यह आंकड़ा गांव की जनसांख्यिकीय स्थिति से पूरी तरह बेमेल है और इससे डिजिटल पंजीकरण मंच के दुरुपयोग, छेड़छाड़ या धोखाधड़ी की प्रबल आशंका उत्पन्न हुई है। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पंजीकरण आंकड़ों में अत्यंत असामान्य और चिंताजनक असंतुलन सामने आया है। अधिकारियों ने दिसंबर में बताया था कि केवल तीन महीनों में गांव में 27,398 ‘विलंबित जन्म पंजीकरण’ दर्ज किए गए। इस मामले में यवतमाल शहर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी के अनुसार, फिलहाल जांच का नेतृत्व यवतमाल के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कर रहे हैं। मामले की गंभीरता और संभावित प्रभावों को देखते हुए गृह विभाग ने महाराष्ट्र साइबर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) की निगरानी में एसआईटी के माध्यम से व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है।
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एसआईटी में उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। अधिकारी ने बताया कि एसआईटी इस सप्ताह के अंत में ग्राम पंचायत का दौरा कर मौके पर सत्यापन करेगी, कार्यप्रणालियों की जांच करेगी और उन प्रणालीगत व प्रक्रियात्मक खामियों की पहचान करेगी, जिनका दुरुपयोग किया गया हो सकता है। अधिकारी ने कहा कि एसआईटी की हालिया बैठक में प्रमुख अवलोकन दर्ज किए गए और जांच अधिकारी को जांच के दौरान कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पर्यवेक्षणीय निर्देश जारी किए गए।
News Source- Press Trust of India
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