भोपाल में गिरफ्तार हुए आतंकियों की बढ़ रिमांड, कोर्ट ने 8 अप्रैल तक भेजा जेल

भोपाल में गिरफ्तार हुए आतंकियों की बढ़ रिमांड, कोर्ट ने 8 अप्रैल तक भेजा जेल

सभी गिरफ्तार आतंकी बांग्लादेशी मूल के हैं। सभी यहां जमात-ए-मुजाहिदीन बांग्लादेश संगठन के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। भारत सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित किया हुआ है। पकड़े गए संदिग्ध जेहादी गतिविधियों में संलिप्त थे और स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे।

भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग से पकड़े गए जमात-उल-मुजाहिदीन के 4 आतंकियों की ज्यूडिशियल रिमांड बढ़ा दी गई है। ATS ने 4 आतंकियों को कोर्ट में पेश किया।जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों आतंकियों को 8 अप्रैल तक के लिए जेल भेज दिया है। इसी कड़ी में विदिशा के रहने वाले अब्दुल करीम को भी जेल भेजा दिया गया है।

दरअसल विदिशा के नटेरन से गिरफ्तार अब्दुल करीम की तरफ से जमानत याचिका लगाई गई। जिस पर अब 1 अप्रैल को सुनवाई होगी। जमात ए मुजाहिदीन के 5 आतंकियों आज और 1 को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।जेल भेजे गए आतंकियों में विदिशा का रहने वाला अब्दुल करीम भी जेल भेजा गया है।

इसे भी पढ़ें:MP कांस्टेबल भर्ती को लेकर खड़े हुए कई सवाल, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, उधर वनरक्षक परीक्षा घोटाले के दोषियों को हुई सजा 

जानकारी के अनुसार सभी गिरफ्तार आतंकी बांग्लादेशी मूल के हैं। सभी यहां जमात-ए-मुजाहिदीन बांग्लादेश संगठन के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। भारत सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित किया हुआ है। पकड़े गए संदिग्ध जेहादी गतिविधियों में संलिप्त थे और स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। जिनके माध्यम से भविष्य में गंभीर देशविरोधी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके।

वहीं भोपाल के ऐशबाग इलाके से पकड़े गए 4 आतंकियों से पूछताछ में अब्दुल करीम के बारे में एटीएस को जानकारी मिली थी। जिसके बाद एटीएस ने अब्दुल को नटेरन से पकड़ा है। जानकारी मिली है कि अब्दुल आतंकियों को लोगों से मिलवाने में मदद करता था। पूछताछ में सामने आया है कि अब्दुल की मदद से ही आतंकी एमपी में स्लीपर सेल का नेटवर्क बिछा रहे थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...