MP कांस्टेबल भर्ती को लेकर खड़े हुए कई सवाल, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, उधर वनरक्षक परीक्षा घोटाले के दोषियों को हुई सजा

MP कांस्टेबल भर्ती को लेकर खड़े हुए कई सवाल, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, उधर वनरक्षक परीक्षा घोटाले के दोषियों को हुई सजा

पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा देने वाले छात्रों ने कहा कि सुबह क्वालिफाइड दिखाया गया और शाम को नॉट क्वालिफाइड दिखा दिया गया। 80% नंबर वाले बाहर हो गए और 50% वाले सिलेक्ट हो गए। एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा का 8 जनवरी से आयोजन 17 फरवरी 2022 को किया गया था।

भोपाल। मध्य प्रदेश में व्यापम पार्ट 3 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस भर्ती सवालों के घेरे में आ गया है। व्यावसायिक परीक्षा मंडल की तरफ से आयोजित पुलिस कांस्टेबल भर्ती चयन परीक्षा-2020 में गड़बड़ी हुई है। पुलिस भर्ती के प्रकिया को लेकर अभ्यार्थी विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। जानकारी मिली है कि बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी के बंगले पर सैकड़ों अभ्यर्थी जुटे हुए हैं।

दरअसल पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा देने वाले छात्रों ने कहा कि सुबह क्वालिफाइड दिखाया गया और शाम को नॉट क्वालिफाइड दिखा दिया गया। 80% नंबर वाले बाहर हो गए और 50% वाले सिलेक्ट हो गए। सामान्य वर्ग की अभ्यार्थियों के अच्छे नंबर होने पर भी बाहर किया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि दूसरे राज्यों में ब्लैक लिस्टेड कंपनियां को परीक्षा का जिम्मा दिया गया था।

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वहीं एमपी पुलिस की इस भर्ती परीक्षा के जरिए 6000 कॉन्स्टेबल की भर्ती होगी। एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा का 8 जनवरी से आयोजन 17 फरवरी 2022 को किया गया था। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में लगभग 12 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। 24 मार्च को पुलिस भर्ती का रिजल्ट आया है। और अब गड़बड़ी के आरोप में अभ्यार्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

ऐस में मध्य प्रदेश व्यापमं घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। व्यापम घोटाले के एक और प्रकरण में निर्णय पारित हुआ है। एमपी वनरक्षक परीक्षा 2012 मामले में CBI की विशेष कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी पाया है। वनरक्षक परीक्षा वर्ष 2012 में अवैध तरीके से चयनित अभ्यार्थियों ने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थियों से परीक्षा दिलवाई थी।

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आपको बता दें कि जांच में पाया गया कि दोनों आरोपी अवैध तरीके से वनरक्षक के पद पर भर्ती हुए हैं। इस मामले में दो अभ्यर्थी और एक मध्यस्थ शामिल है। देवेंद्र कुमार जाटव, पदम सिंह खरे और आनंद सागर को धारा 419 420 467 468 471 सपठित धारा 120 बी वि भादवी और मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम की धारा 3डी 1-2/4 को दोषी पाया गया। जानकारी के अनुसार आरोपियों की सजा को लेकर आज ही CBI कोर्ट में सुनवाई होगी।





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