India Biennale के लिए जंतर-मंतर और Safdarjung Tomb समेत दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल चयनित

संस्कृति मंत्रालय 4 दिसंबर से दिल्ली के कई प्रमुख स्मारकों में 108 दिवसीय कला और वास्तुकला महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है। इस भव्य उत्सव का मुख्य केंद्र ऐतिहासिक पुराना किला रहेगा, जहां विशेष मंडप स्थापित किए जाएंगे। आयोजन सूची में हाल ही में धरना स्थल से हटाई गई जंतर-मंतर वेधशाला और राष्ट्रीय संग्रहालय भी शामिल हैं।
नयी दिल्ली, चार नवंबर आगामी चार दिसंबर से शुरू होने जा रहे 108 दिवसीय ‘इंडिया बिएनाले’ के लिए चुने गए सांस्कृतिक स्थलों में जंतर-मंतर वेधशाला, सफदरजंग मकबरा, राष्ट्रीय संग्रहालय और दक्षिण दिल्ली स्थित बाराखंभा मकबरा शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जयपुर के सवाई महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा 1724 में निर्मित जंतर-मंतर वेधशाला इसके ठीक बगल वाली सड़क पर हुए अनगिनत विरोध प्रदर्शनों और मूक अभियानों की गवाह रही है, हालांकि हाल में इसे धरना-प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थलों की सूची से हटा दिया गया है।
शांत वातावरण और हरियाली के बीच मौजूद सड़क 1990 के दशक के मध्य से भारत का प्रमुख प्रदर्शन स्थल रही है और इस वर्ष के प्रारंभ में यहां एक छात्र आंदोलन भी देखा गया जिसके परिणामस्वरूप तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार द्वारा 11 अक्टूबर को जारी एक आदेश के तहत हाल में इसे धरना स्थल की सूची से बाहर कर दिया गया है। संस्कृति मंत्रालय ने 30 सितंबर को एक पोस्ट में कहा था कि यह महोत्सव चार दिसंबर से ‘‘दिल्ली के सबसे ऐतिहासिक स्थलों पर आयोजित होगा।
इनमें लोधी गार्डन का लॉन, कुतुब मीनार परिसर, अग्रसेन की बावली, लाल किला और सफदरजंग मकबरा शामिल हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी भर की कला दीर्घाओं और निजी सांस्कृतिक स्थलों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।’’ एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य आयोजन स्थल ऐतिहासिक पुराना किला होगा, जहां विभिन्न मंडप बनाए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि जंतर-मंतर वेधाशाला, सफदरजंग मकबरा, बाराखंबा मकबरा, सब्ज बुर्ज, किला राय पिथोरा, राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), संगीत नाटक अकादमी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) और हौज खास स्मारक भी इस आयोजन के प्रमुख स्थलों में शामिल हैं।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि किस स्थल पर कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति मंत्रालय ने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली, आपके लिए कुछ रोमांचक आ रहा है! चार दिसंबर 2026 से 21 मार्च 2027 तक आयोजित होने वाला ‘इंडिया बिएनाले 2026’ कला, वास्तुकला और विरासत का एक भव्य उत्सव है, जो दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक स्थानों में कलात्मक अनुभव लेकर आएगा।
ऐतिहासिक पुराना किला कला के इस भव्य उत्सव का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।’’ ‘इंडिया आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिजाइन बिएनाले’ के इस दूसरे संस्करण को अब ‘इंडिया बिएनाले’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय की मंशा इसे अपनी एक प्रमुख वैश्विक सांस्कृतिक पहल के तौर पर स्थापित करने की है। इस विशाल सांस्कृतिक आयोजन का मुख्य विषय ‘तत्त्वमसि’ रखा गया है, जो एक प्राचीन संस्कृत वाक्यांश है जिसका शाब्दिक अर्थ ‘वह तुम ही हो’ होता है।
दिसंबर 2023 में इसके पहले संस्करण की शुरुआत के मौके पर मंत्रालय ने रेखांकित किया था कि इस आयोजन का उद्देश्य कलात्मक और रचनात्मक क्षेत्रों को नयी ऊर्जा प्रदान करना तथा वैश्विक सांस्कृतिक कूटनीति और आपसी जुड़ाव को मजबूत करना है। इस द्विवार्षिक उत्सव के विवरण में कहा गया, ‘‘एक ऐसी दुनिया में जो कभी ठहरना नहीं जानती, किसी वस्तु या विचार पर ध्यान केंद्रित करना ही आज साधना का सबसे दुर्लभ रूप बन गया है। ‘इंडिया बिएनाले’ आपको कुछ पल रुकने, अवलोकन करने और प्रत्येक आयोजन स्थल के माध्यम से स्वयं को गहराई से महसूस करने का अवसर देता है।’’ यह भव्य आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा चार दिसंबर से 21 मार्च 2027 तक आयोजित किया जा रहा है।
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