• अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, ड्रोन से रख रहा नजर, मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार भारत

जानकारी मिल रही है कि चीन की पीएलए पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर अपने क्षेत्र में 50,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती करने के बाद अब बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि चीन की हर नापाक साजिश को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना तैयार है।

लद्दाख। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है। कई दौर की वार्ता होने के बावजूद चीन की गतिविधियां जारी हैं। बीते दिनों खबर सामने आई थी कि चीन ऊंचाई वाले कई अग्रिम क्षेत्रों में अपनी सेना (पीएलए) के लिए बंकर तैयार कर रही है। 

इसे भी पढ़ें: LAC पर फिर बढ़ी चीन की सक्रियता, 8 जगहों पर PLA ने बनाए अपने अस्थायी टेंट 

वहीं जानकारी मिल रही है कि चीन की पीएलए पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर अपने क्षेत्र में 50,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती करने के बाद अब बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि चीन की हर नापाक साजिश को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना तैयार है।

हरकतों पर नजर रखने के लिए ड्रोन तैनात

आपको बता दें कि एलएसी के पास भारत और चीन दोनों की सेनाओं के करीब 50-50 हजार सैनिक तैनात हैं। इनके पास हॉवित्जर, टैंक और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें इत्यादि मौजूद हैं। इस असहज स्थिति के बीच दोनों सेनाएं उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र से नियमित रूप से अपने सैनिकों बदलते रहते हैं। हालांकि दोनों सेनाएं एक-दूसरे पर नजर रखने के लिए विमान और ड्रोन को तैनात कर रही हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई ने आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया कि चीनी सेना की ड्रोन गतिविधियां ज्यादातर दौलत बेग ओल्डी, गोगरा समेत इत्यादि क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। 

इसे भी पढ़ें: LAC पर जारी गतिरोध के बीच सामने आया चीन का बयान, कहा- शांतिपूर्ण विकास का पथ चुनना चाहिए 

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना चीन की हरकतों पर पैनी नजर बनाए हुए है। इसके अलावा भारतीय सेना ने भी ड्रोन की तादाद बढ़ा दी है। इसके अलावा जल्द ही इजरायली ड्रोन को भी शामिल किया जाएगा। वहीं दूसरी तरह पहले की स्थिति को बहाल करने के लिए दोनों देशों के बीच में सैन्य स्तर की वार्ता चल रही है। इसके बावजूद चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है।