भारत-EU का नया Aviation 'Action Plan' तैयार, DGCA-EASA मिलकर बदलेंगे हवाई सुरक्षा के नियम

दोनों ने सतत विकास, नवाचार और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणालियों पर गहन चर्चा की। यह बैठक गुरुवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में हुई। इस बैठक से भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूती मिली और हरित विमानन पहलों में भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में नवाचार और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने यूरोपीय संघ के परिवहन आयुक्त अपोस्टोलोस त्ज़ित्ज़िकोस्टास से मुलाकात की। दोनों ने सतत विकास, नवाचार और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणालियों पर गहन चर्चा की। यह बैठक गुरुवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में हुई। इस बैठक से भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूती मिली और हरित विमानन पहलों में भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में नवाचार और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
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बैठक में सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) जैसे नवाचारों, पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को प्राथमिकता देने और हरित विमानन पर बल दिया गया। उन्होंने यूरोपीय संघ-भारत संबंधों को और मजबूत करने तथा वैश्विक हरित विमानन पहलों में भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए आगे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने समन्वय, संयुक्त प्रमाणन, साइबर सुरक्षा और ड्रोन नियमों जैसे क्षेत्रों में ईएएसए (यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी) और डीजीसीए (नागरिक विमानन महानिदेशालय) के बीच सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि हवाईअड्डे के बुनियादी ढांचे, डिजिटल परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में परिणाम प्राप्त करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है।
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इन चर्चाओं से भारत के विमानन क्षेत्र में रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। ईएएसए और डीजीसीए के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, संयुक्त कार्य समूहों की स्थापना और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन सहित नई पहल शुरू की जाएंगी। ये पहल भारत सरकार की UDAN जैसी योजनाओं के साथ समन्वित होंगी, जिससे विमानन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर ले जाया जा सकेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह बैठक भारत के विमानन क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने, सुरक्षा में सुधार करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक मजबूत कदम होगा।
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