India MEA Briefing: Delcy Rodriguez India Visit, India-Nepal, India-Bangladesh, Pakistan-EU Joint Statement संबंधी मुद्दों पर आया भारत का बयान

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान-ईयू के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को दृढ़ता से खारिज करते हुए इसे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा की भी घोषणा की और नेपाल के साथ सीमा मुद्दों को द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा की घोषणा करते हुए कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि डेल्सी रोड्रिगेज एक जून को आयोजित होने वाले इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाली थीं, लेकिन सम्मेलन स्थगित होने के बाद अब वह तीन से सात जून तक भारत की कार्यकारी यात्रा पर आएंगी। उनके साथ विदेश, अर्थव्यवस्था और वित्त, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संचार और सूचना तथा परिवहन मंत्री भी आएंगे।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज इससे पहले वेनेजुएला की विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति के रूप में कई बार भारत आ चुकी हैं। यह उनकी भारत की छठी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, निवेश, औषधि, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा समेत भारत-वेनेजुएला संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत वेनेजुएला का ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार है तथा भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने वहां के ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय निवेश किया है।
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इसके अलावा, पश्चिम एशिया में लेबनान पर इजराइल के सैन्य अभियान को लेकर पूछे गए सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत इस क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने दोहराया कि शांति और स्थिरता की बहाली के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे का रास्ता है।
अमेरिका से तीस भारतीय ट्रक चालकों को निर्वासित किए जाने की खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत किसी भी प्रकार के अवैध प्रवासन का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि जब भी अमेरिका की ओर से निर्वासन के मामले भारत को भेजे जाते हैं, तब संबंधित व्यक्तियों की राष्ट्रीयता की जांच की जाती है और पुष्टि होने पर उन्हें वापस स्वीकार किया जाता है।
बांग्लादेश के साथ साझा नदियों के मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच 54 नदियां साझा हैं और इनसे जुड़े मामलों के समाधान के लिए संयुक्त नदी आयोग जैसी संरचित द्विपक्षीय व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने कहा कि साझा नदियों से जुड़े सभी मुद्दों पर दोनों देश सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ेंगे।
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साथ ही पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप बताते हुए स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि भारत संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में जम्मू-कश्मीर से जुड़े संदर्भों को पूरी तरह अस्वीकार करता है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। जायसवाल ने कहा कि जिन पक्षों का इस विषय में कोई अधिकार या वैधानिक आधार नहीं है, उन्हें इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों पर बाहरी टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करता।
साथ ही नेपाल की सत्तारुढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने की भारत यात्रा पर उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच बहुआयामी साझेदारी है और यात्रा के दौरान उनकी उच्चस्तरीय बैठकों का कार्यक्रम है। नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा भारत-नेपाल सीमा को लेकर दिए गए बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों की लगभग 98 प्रतिशत सीमा का सीमांकन हो चुका है, जबकि कुछ हिस्से अब भी लंबित हैं। गंडक नदी के मार्ग में बदलाव के कारण कुछ समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण और नो मैन्स लैंड से जुड़े मामलों की संयुक्त रूप से मैपिंग की जा रही है। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सीमा संबंधी सभी मुद्दों के समाधान के लिए द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है और भारत-नेपाल के इस मामले में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।
बांग्लादेश से जुड़े सीमा विवाद के संदर्भ में बांग्लादेशी अधिकारियों के भारत दौरे से संबंधित प्रभासाक्षी के सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्यतंत्र हैं और उसी संदर्भ में बैठकें होनी हैं।
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