Air India AI 171 Crash: जांच Final Stage में, मंत्री Ram Mohan Naidu बोले- जल्दबाजी नहीं होगी

Air India AI 171
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अभिनय आकाश । Jun 15 2026 3:23PM

हादसे को एक साल पूरा होने पर नायडू ने उन लोगों को याद किया जिनकी जान चली गई थी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज, जब हम दुखद एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की पहली बरसी मना रहे हैं, तो हम गहरे दुख के साथ उन लोगों को याद करते हैं जिनकी जान चली गई और उनके परिवारों व प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं।

एयर इंडिया की फ़्लाइट AI 171 की त्रासदी के एक साल बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि जांच अपने आखिरी चरण में है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अधिकारी इस प्रक्रिया में जल्दबाज़ी नहीं करेंगे और अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माने जाने वाले नियमों का पालन करना जारी रखेंगे। मंत्री ने कहा कि यह जांच एक गंभीर प्रक्रिया है जो तय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत की जा रही है। नायडू ने कहा कि जांच की एक प्रक्रिया है जो पूरी तरह से प्रोटोकॉल पर आधारित है। जांच प्रक्रिया का आधार अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल है। इसे बहुत गंभीर जांच बताते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि वे इसे जल्द से जल्द करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम प्रक्रिया को छोड़ नहीं सकते और इसमें जल्दबाजी नहीं कर सकते। हम पूरी तरह से प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। मेरा मानना ​​है कि वे अंतिम चरण में हैं, इसलिए हमें जल्द से जल्द अंतिम रिपोर्ट मिल जाएगी। हादसे को एक साल पूरा होने पर नायडू ने उन लोगों को याद किया जिनकी जान चली गई थी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज, जब हम दुखद एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की पहली बरसी मना रहे हैं, तो हम गहरे दुख के साथ उन लोगों को याद करते हैं जिनकी जान चली गई और उनके परिवारों व प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। मंत्री ने कहा कि जांचकर्ता तय प्रक्रियाओं के अनुसार पूरी लगन और पेशेवर तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम दुर्घटना के कारणों का बारीकी और निष्पक्षता से पता लगाने और एविएशन सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

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एयर इंडिया ने सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों की जानकारी दी

जांच जारी रहने के बीच, एयर इंडिया ने पिछले एक साल में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, विमानों की विश्वसनीयता बढ़ाने और कर्मचारियों की भलाई के लिए उठाए गए कई आंतरिक कदमों की जानकारी दी है। एक आंतरिक दस्तावेज़ के अनुसार, AI 171 हादसे के बाद एयरलाइन ने "सेफ्टी पॉज़" (सुरक्षा के लिए कामकाज रोकना) लिया और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन की देखरेख में अपने बोइंग 787-8 और बोइंग 787-9 विमानों की विस्तृत जांच की। जांच में कोई समस्या नहीं पाई गई। एयरलाइन ने बोइंग 737 और बोइंग 787-8 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच मैकेनिज्म की भी जांच की, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। एयर इंडिया ने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान मिले अतिरिक्त ग्राउंड टाइम की वजह से विमानों की विश्वसनीयता बढ़ाने और देरी व ऑपरेशनल रुकावटों को कम करने के मकसद से अपग्रेड का काम तेज़ी से किया जा सका। 

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बेड़े की भरोसेमंदता पर ध्यान

एयरलाइन ने कहा है कि उसने अपने वाइड-बॉडी बेड़े, खासकर बोइंग 787 और बोइंग 777 विमानों के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं। डॉक्यूमेंट के अनुसार, पिछले साल बोइंग 787 बेड़े के लिए भरोसेमंदता प्रोग्राम्स पर काफी प्रगति हुई है। शुरुआती प्रोग्राम्स के लागू होने का स्तर लगभग 75 प्रतिशत से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया, जबकि भरोसेमंदता से जुड़ी पहलों की संख्या 36 से बढ़कर 45 हो गई। इसी दौरान, कुल पूरा होने का स्तर 48 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गया। एयर इंडिया ने कहा कि इन उपायों का मकसद पूरे बेड़े में ज़्यादा एकरूपता, दक्षता और लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशनल सुधार लाना है।

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