क्या NeoCov वायरस खतरनाक है? जानिए चमगादड़ में पाए जाने वाले इस वायरस के बारे में

क्या NeoCov वायरस खतरनाक है? जानिए चमगादड़ में पाए जाने वाले इस वायरस के बारे में

NeoCov, जिसे कोरोना वायरस का घातक संस्करण कहा जाता है, कुछ समय पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। वुहान लैब के वैज्ञानिकों ने दक्षिण अफ्रीका के चमगादड़ों में इस वायरस की मौजूदगी का पता लगाया है। यह MERS-CoV से जुड़ा हुआ है।

चीन के वुहान में वैज्ञानिकों की एक टीम ने चमगादड़ों में पाए जाने वाले 'नियोकोव' नामक एक घातक संस्करण की चेतावनी दी है। बता दें कि, उस चेतावनी के बाद से लोगों में काफी दहशत पैदा हो रही है। नियोकोव कोरोना को कोई वेरिएंट नहीं है और इससे आपको घबराने की जरूरत भी नहीं है।

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नियोकोव क्या है?

NeoCov, जिसे कोरोना वायरस का घातक संस्करण कहा जाता है, कुछ समय पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। वुहान लैब के वैज्ञानिकों ने दक्षिण अफ्रीका के चमगादड़ों में इस वायरस की मौजूदगी का पता लगाया है। यह MERS-CoV से जुड़ा हुआ है और कोरोना वायरस के बड़े परिवार से संबंधित है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वायरस से संक्रमित होने वाले हर तीन व्यक्तियों में से एक की मरने की क्षमता है।साल 2010 में MERS-CoV सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया में बड़े संकट की वजह बन चुका है।

क्या आपको चिंता करनी चाहिए?

नहीं। अपने वर्तमान स्वरूप में, NeoCov मनुष्यों को संक्रमित नहीं करता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, वायरस के आगे उत्परिवर्तन इसे मनुष्यों के लिए संभावित रूप से हानिकारक बना सकते हैं लेकिन मनुष्यों में अभी तक NeoCov का कोई मामला नहीं है। एक्सपर्ट ने ट्वीटर में बताया है कि, यह न तो वकोरोना वायरस है और न ही कोई म्यूटेशन या वैरिएंट। बता दें कि, NeoCoV  केवल चमगादड़ में ही पाया गया है।एक विशेष प्रकार के म्यूटेशन के बाद ही मानव कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है।





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