Chandrayaan-2 पर इसरो प्रमुख ने दिया नया अपडेट, ऑर्बिटर काफी अच्छे तरीके से कर रहा काम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 26, 2019   16:22
Chandrayaan-2 पर इसरो प्रमुख ने दिया नया अपडेट, ऑर्बिटर काफी अच्छे तरीके से कर रहा काम

चंद्रयान-2 के बारे में अद्यतन जानकारी पर उन्होंने कहा, ‘‘ऑर्बिटर काफी अच्छे तरीके से काम कर रहा है और सभी पेलोड संचालित हो रहे हैं। हमें लैंडर से कोई सिग्नल नहीं मिला है।’’ उन्होंने कहा कि देश की अंतरिक्ष एजेंसी ने आगामी महीने और वर्षों के लिए कई मिशन तैयार किए हैं।

अहमदाबाद। इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भविष्य के चंद्र अभियान के लिए योजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर ‘‘काफी अच्छे’’ तरीके से काम कर रहा है और सभी पेलोड ठीक तरीके से संचालित हो रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-2 के लैंडर के हार्ड लैंडिंग के बाद इस तरह की कोई और योजना है तो सिवन ने कहा, ‘‘हम भविष्य के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रहे हैं।’’ उन्होंने नगर के हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘विक्रम लैंडर के साथ क्या गलत हुआ, इसका पता लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की समिति का गठन किया गया है। समिति के रिपोर्ट सौंपते ही हम इस पर काम करेंगे कि भविष्य में क्या किया जाए।’’ उन्होंने कहा कि घोषणा करने से पहले आवश्यक मंजूरियां हासिल करनी होंगी और सभी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देना होगा।

चंद्रयान-2 के बारे में अद्यतन जानकारी पर उन्होंने कहा, ‘‘ऑर्बिटर काफी अच्छे तरीके से काम कर रहा है और सभी पेलोड संचालित हो रहे हैं। हमें लैंडर से कोई सिग्नल नहीं मिला है।’’ उन्होंने कहा कि देश की अंतरिक्ष एजेंसी ने आगामी महीने और वर्षों के लिए कई मिशन तैयार किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण मिशन ‘गगनयान’ है जो अंतरिक्ष में मानव को भेजने से जुड़ा हुआ है। इसरो इस पर कड़ी मेहनत कर रहा है।’’ गगनयान 2022 में लांच होने वाला है जिसका लक्ष्य तीन अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है। सिवन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की घोषणा के मुताबिक हमें 2022 तक इस सफलता को हासिल करना है।’’ चंद्रमा की सतह पर सात सितम्बर को लैंडिंग के दौरान चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का इसरो से संपर्क टूट गया था। बाद में सिवन ने कहा था कि इसने हार्ड लैंडिंग की थी। चंद्रयान-2 में एक ऑर्बिटर, एक लैंडर (विक्रम) और एक रोवर (प्रज्ञान) था। सिवन यहां ‘सिस्टम फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे।





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