Jabalpur Boat Tragedy | मौत के आगोश में भी ममता का पहरा, बच्चे को सीने से लिपटाए मिली मां की लाश | Video

Jabalpur Boat Tragedy
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रेनू तिवारी । May 1 2026 2:18PM

मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी बांध क्रूज हादसे के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पत्थर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया। जलमग्न क्रूज के मलबे के भीतर जब गोताखोर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर अनुभवी बचावकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी बांध क्रूज हादसे के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पत्थर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया। जलमग्न क्रूज के मलबे के भीतर जब गोताखोर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर अनुभवी बचावकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। जबलपुर में नाव डूबने की घटना, की सबसे दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। शुक्रवार को बचाव दल ने एक माँ और उसके चार साल के बेटे के शव बरामद किए, जो एक-दूसरे को आखिरी बार गले लगाए हुए थे। महिला और उसके बच्चे के शवों को पानी से बाहर निकाला गया, और उनके शरीर पर लाइफ जैकेट बंधी हुई थी।

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घटनास्थल पर मौजूद परिवार के सदस्य यह दृश्य देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। वहीं, घटनास्थल का दौरा करने वाले राज्य के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह भी इस दृश्य से इतने भावुक हो गए कि उन्हें अपने आँसू रोकना मुश्किल हो गया। 

गुरुवार को बरगी बांध जलाशय में अचानक आए तूफ़ान की चपेट में आने के बाद, लगभग 30 यात्रियों को ले जा रही एक रिवर क्रूज़ नाव के पलट जाने से नौ लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं। अब तक 22 लोगों को बचा लिया गया है।

आगरा से आई गोताखोर टीम ने बताया कि डूबी हुई नाव के भीतर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। सीमित जगह, टूटे ढांचे और बाहर निकली लोहे की छड़ों के कारण उन्हें हथौड़ों की मदद से रास्ता बनाना पड़ा। इस दौरान एक गोताखोर खुद फंसते-फंसते बचा।

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अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम अचानक आए तूफान के कारण जबलपुर जिले में क्रूज नौका पलटकर डूब गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। एक गोताखोर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘शुरुआत में महिला के शव को निकालने में दिक्कत आई। बाद में पता चला कि वह अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुए थी, जिससे उन्हें अलग करना मुश्किल था। यह दृश्य बेहद भावुक करने वाला था।’’ उन्होंने बताया कि कम दृश्यता, टूटे हुए ढांचे और तंग जगह के कारण अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

एक अन्य बचावकर्मी ने कहा कि अंदर दृश्यता लगभग शून्य थी और बार-बार लोहे की छड़ों और मलबे से उपकरण उलझ रहे थे। कई जगह उन्हें बेहद संकरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ा। बचावकर्मियों के मुताबिक, नाव का ढांचा दोनों ओर से ध्वस्त हो चुका था और अंदर लगी ग्रिलों के कारण रास्ते और भी खतरनाक हो गए थे। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद टीम अब तक जलाशय से पांच शव निकाल चुकी है, जिनमें एक बच्चा और चार वयस्क शामिल हैं।

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