पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर NDA में तकरार, जीतन राम मांझी ने किया विरोध

खुद पप्पू यादव ने इस बात की ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने सबसे पहले ट्वीट कर कहा कि मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाना ले आया गया है। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट में कहा कि लॉकडाउन उल्लंघन के नाम पर गिरफ्तारी, सरकार ने खुद मार ली है अपने पांव पर कुल्हाड़ी , जाग गई जनता तो मोदी-नीतीश यह आपको पड़ेगी भारी।
लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के आरोप में जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव को आज गिरफ्तार कर लिया गया है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर बिहार में लगातार सवाल उठाए जा रहे है। आम लोगों का भी सवाल यही है कि जो नेता जमीन पर काम करना चाह रहा है उसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों? इन सबके बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है। जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर कहा कि कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है। ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जाँच हो तब ही कोई कारवाई होनी चाहिए नहीं तो जन आक्रोश होना लाज़मी है।
आपको बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार में जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी सहयोगी हैं और उनके चार विधायक हैं। इससे पहले जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद पप्पू यादव को पटना में आज गिरफ्तार कर लिया गया है। खुद पप्पू यादव ने इस बात की ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने सबसे पहले ट्वीट कर कहा कि मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाना ले आया गया है। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट में कहा कि लॉकडाउन उल्लंघन के नाम पर गिरफ्तारी, सरकार ने खुद मार ली है अपने पांव पर कुल्हाड़ी , जाग गई जनता तो मोदी-नीतीश यह आपको पड़ेगी भारी। इसके अलावा पप्पू यादव ने एक और ट्वीट में कहा कि कोरोना काल में जिंदगियां बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रख जूझना अपराध है, तो हां मैं अपराधी हूं। PM साहब, CM साहब, दे दो फांसी, या, भेज दो जेल, झुकूंगा नहीं, रुकूंगा नहीं। लोगों को बचाऊंगा। बेईमानों को बेनकाब करता रहूंगा!कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) May 11, 2021
ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जाँच हो तब ही कोई कारवाई होनी चाहिए नहीं तो जन आक्रोश होना लाज़मी है।
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