130th Amendment Bill पर JPC की कल बड़ी बैठक, Law Commission देगा राय

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ANI
अभिनय आकाश । Jan 6 2026 4:00PM

सारंगी ने आगे कहा कि इन संस्थानों के पदाधिकारी और कुलपति बैठक में शामिल होंगे और समिति को विधेयकों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए सारंगी ने कहा कि संगठनों और व्यक्तियों से परामर्श शुरू हो चुका है और बुधवार से व्यापक सुनवाई का पहला दिन होगा।

भाजपा सांसद और 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी ने मंगलवार को बताया कि समिति की अगली बैठक बुधवार को होगी। उन्होंने जानकारी दी कि हैदराबाद स्थित एनएएलएसएआर, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और भारतीय विधि आयोग के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। सारंगी ने आगे कहा कि इन संस्थानों के पदाधिकारी और कुलपति बैठक में शामिल होंगे और समिति को विधेयकों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए सारंगी ने कहा कि संगठनों और व्यक्तियों से परामर्श शुरू हो चुका है और बुधवार से व्यापक सुनवाई का पहला दिन होगा।

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लोकसभा द्वारा 130वें संविधान संशोधन विधेयक और संबंधित विधेयकों पर गठित संयुक्त संसदीय समिति की तीसरी बैठक है। कल हमने भारतीय विधि आयोग, दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और हैदराबाद स्थित एनएएलएसएआर को आमंत्रित किया है। पदाधिकारी और कुलपति आएंगे और समिति को विधेयकों पर अपनी राय प्रस्तुत करेंगे। मुझे लगता है कि संगठनों और व्यक्तियों की बात सुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और कल पहला दिन है जब हम सभी की बात सुनेंगे। उन्होंने आगे बताया कि पहली बैठक परिचयात्मक बैठक थी, जिसमें सभी सदस्य एकत्रित हुए और समिति को प्रस्तुत किए गए तीनों विधेयकों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कीसारंगी ने कहा कि समिति ने अपने दायित्व पर भी चर्चा की और माहौल सौहार्दपूर्ण था

सारंगी ने का कि पहली बैठक परिचयात्मक बैठक थीदरअसल, सभी सदस्य एकत्रित हुए और हमने समिति को प्रस्तुत किए गए तीनों विधेयकों के विभिन्न पहलुओं पर आपस में चर्चा कीहमने अपने दायित्व पर भी चर्चा कीमाहौल बहुत अच्छा था, सौहार्दपूर्ण थाबहुत सौहार्द थालोकसभा द्वारा गठित यह एक अच्छी समिति हैसंविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 में किसी भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान है, जिसे कम से कम पांच साल के कारावास से दंडनीय आरोपों पर लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है

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