Kerala अब कहलाएगा Keralam, PM Modi बोले- NDA सरकार ने सालों पुरानी मांग पूरी की

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अंकित सिंह । Mar 11 2026 2:15PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे मलयाली संस्कृति के अनुरूप एक उचित कदम बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने राज्य के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम बदलकर 'केरलम' रखने की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य को अब उसका उचित नाम मिल गया है। केरल में अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के मछुआरा समुदाय की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब मैं आप सबके बीच खड़ा हूं, तो पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। मेरे मलयाली भाइयों और बहनों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। आप सभी वर्षों से केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने की मांग कर रहे थे। केंद्र में हमारी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मैं आप सबके चेहरों पर खुशी देख सकता हूं। इस खूबसूरत राज्य को मलयाली संस्कृति के अनुसार उसका उचित नाम मिल गया है।

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24 फरवरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। केरल विधानसभा ने जून 2024 में नाम परिवर्तन के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। अखिल केरल धीवर सभा के कार्यों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हम एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी हैं। अखिल केरल धीवर सभा अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रही है। यह संगठन मछुआरा समुदाय के अधिकारों के लिए काम कर रहा है। मैं केरलम के सभी मछुआरों और अखिल केरल धीवर सभा के सदस्यों को बधाई देता हूं। यह उल्लेख किया गया था कि प्रधानमंत्री आशीर्वाद देने आए हैं, लेकिन मेरे लिए जनता भगवान के समान है और मैं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने आया हूं।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिन पहले जब मैं केरल आया, तो मैंने अखिल केरल धीवर सभा के सदस्यों से बातचीत की। अखिल केरल धीवर सभा ने जीवन और रोजगार, तथा प्रगति और प्रकृति के बीच संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। आप भारतीय दर्शन और विचार को जीते हैं। दुनिया जल, नदियों और समुद्रों को संसाधन मानती है। धीवर समुदाय महासागरों को अपनी 'अम्मा' (मां) मानता है। एलडीएफ और यूडीएफ पर हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की है।

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उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने दशकों तक मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की है। लेकिन अब एनडीए सरकार प्रगति कर रही है और उन्हें असीमित क्षमताओं तक पहुंचा रही है। हमारी सरकार ने मछुआरा समुदाय की क्षमता और नीली अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका को पहचाना है। भाजपा-एनडीए सरकार ने ही मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी वजह से केरल में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है। 

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