कांग्रेस में नेतृत्व संकट को नकारते हुए बोले खुर्शीद, हर कोई देख सकता है सोनिया-राहुल के लिए समर्थन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 22, 2020   14:45
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कांग्रेस में नेतृत्व संकट को नकारते हुए बोले खुर्शीद, हर कोई देख सकता है सोनिया-राहुल के लिए समर्थन
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सलमान खुर्शीद ने रविवार को कहा कि पार्टी में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है और सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के लिए पार्टी में पूरे सहयोग को ‘‘हर वह व्यक्ति देख सकता है, जो नेत्रहीन नहीं है।

नयी दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद कुछ नेताओं द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की आलोचना किए जाने के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने रविवार को कहा कि पार्टी में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है और सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के लिए पार्टी में पूरे सहयोग को ‘‘हर वह व्यक्ति देख सकता है, जो नेत्रहीन नहीं है।’’ गांधी परिवार के निकट समझे जाने वाले नेताओं में शामिल खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस में विचार रखने के लिए पर्याप्त मंच उपलब्ध है और पार्टी के बाहर विचार व्यक्त करने से इसे ‘‘नुकसान पहुंचता’’ है। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और कुछ अन्य नेताओं ने पार्टी नेतृत्व की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की है। खुर्शीद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘पार्टी नेतृत्व मेरी बात सुनता है। मुझे मौका दिया गया है, (मीडिया में आलोचना कर रहे लोगों को) उन्हें मौका दिया गया है। यह बात कहां से आ गई कि पार्टी नेतृत्व बात नहीं सुन रहा है।’’ बिहार चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर सिब्बल और एक अन्य वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि उन्होंने जो कहा, वह उससे असहमत नहीं है, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि इसके लिए बाहर जाकर मीडिया और दुनिया को यह बताने की क्या आवश्यकता है कि ‘‘हमें ऐसा करने की जरूरत है’’। कांग्रेस कार्य समिति में स्थायी रूप से आमंत्रित होने वाले खुर्शीद ने कहा, ‘‘हर बार विश्लेषण किया जाता है, इसे लेकर कोई झगड़ा नहीं है। इस बार भी यह किया जाएगा। ये सब लोग नेतृत्व का हिस्सा हैं। नेतृत्व इसकी उचित समीक्षा करेगा कि क्या गलती हुई, हम कैसे सुधार कर सकते हैं। यह सामान्य रूप से होगा, हमें इस पर सार्वजनिक रूप से बात करने की आवश्यकता नहीं है।’’ यह पूछे जाने पर कि कुछ नेता पार्टी के लिए पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग कर रहे हैं, खुर्शीद ने कहा कि उन्हें आगे आकर पार्टी की वार्ताओं में इस पर बात करनी चाहिए। 

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उन्होंने कहा, ‘‘हमारे नेता को देखिए और कहिए कि आप लेबल (अध्यक्ष पद) के बिना अच्छे नहीं लग रहे। इसके बाद नेता फैसला करेगा।’’ उन्होंने एक साल से अधिक समय से सोनिया गांधी के अंतरिम प्रमुख होने पर चिंताएं जताने वालों पर निशाना साधते हुए पूछा कि यह फैसला किसने किया कि अंतरिम प्रमुख होने के लिए एक साल बहुत लंबा समय है। उन्होंने कहा कि यदि नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में समय लग रहा है, तो इसके पीछे कोई उचित कारण होगा। खुर्शीद ने कहा, ‘‘कोई कहीं नहीं गया है, सभी यहां हैं। केवल एक लेबल पर ही जोर क्यों है? आप इसी पर जोर क्यों दे रहे है? बहुजन समाज पार्टी मेंकोई अध्यक्ष नहीं है, वामदलों का कोई अध्यक्ष नहीं है, केवल महासचिव हैं... हर पार्टी एक ही मॉडल का अनुसरण नहीं कर सकती।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी के पास सोनिया गांधी के रूप में एक अध्यक्ष है, भले ही वह अंतरिम अध्यक्ष हैं। यह संविधान के परे की बात नहीं है, यह अनुचित नहीं है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि हम इसके साथ काम कर रहे हैं। इसमें नेतृत्व का कोई संकट नहीं है। मैं जोर देकर इस बात को कह रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि चुनाव समिति अध्यक्ष के चयन पर काम कर रही है, जिसमें कोविड-19 के कारण समय लग रहा है। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस अपने नेता के रूप में राहुल गांधी के पीछे क्या मजबूती से खड़ी है, खुर्शीद ने कहा, ‘‘मुझे लगता है, जो कोई भी नेत्रहीन नहीं है, उसे यह दिख रहा है कि लोग कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया जी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का पूरा समर्थन कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘(नेतृत्व पर) सवाल उठाने वाले लोग यदि स्वयं के लोकतांत्रिक होने का दावा करते हैं, तो उन्हें (नेतृत्व पर) सवाल नहीं उठाने वाले हम लोगों को भी शामिल करने का शिष्टाचार दिखाना चाहिए और पार्टी के भीतर हम यह फैसला कर सकते हैं कि वे अधिक हैं या हम। हमारी आपत्ति बस यह है कि यह पार्टी के बाहर हो रहा है।’’ खुर्शीद ने हाल में कहा था, ‘‘यदि मतदाता उन उदारवादी मूल्‍यों को अहमियत नहीं दे रहे, जिनका हम संरक्षण कर रहे हैं तो हमें सत्‍ता में आने के लिए शॉर्टकट तलाश करने के बजाय लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।’’ इस बयान के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि शार्टकट से उनका मतलब अपनी विचारधारा त्यागने से था। उन्होंने कहा, ‘‘आपको अपनी विचारधारा क्यों छोड़नी चाहिए। यदि आपकी विचारधारा मतदाताओं को आपके लिए मतदान करने के लिए राजी नहीं कर पा रही है, तो या तो आपको अपनी दुकान बंद कर देनी चाहिए या आपको इंतजार करना चाहिए। हम मतदाताओं को राजी कर रहे हैं, इसमें समय लगेगा।





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तीन शिकारियों ने करंट लागकर ली हाथी की जान, जबलपुर वनमंडल का मामला

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 28, 2020   18:33
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तीन शिकारियों ने करंट लागकर ली हाथी की जान, जबलपुर वनमंडल का मामला
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वही वन अधिकारियों ने हाथी के मृत शरीर का निरीक्षण करने पर पाया कि उसकी सूंड करंट लगने से करीब डेढ़ फीट तक झुलस गई थी। इसके बाद ग्राम डुंगरिया मोहास के कोटवार से पूछताछ करके उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति को दो बाहरी लोगों के साथ मिलकर हाथी का बिजली करंट लगाकर हाथी का शिकार करने का संदेह जताया।

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर वनमंडल के वन परिक्षेत्र बरगी में शुक्रवार को अपने साथियों से बिछुड़े जिस हाथी का शव पाया गया था। उसकी मौत की गुत्थी सुलझा ली गई है। तीन शिकारियों ने हाथी दांत के लालच में बिजली का करंट लगाकर हाथी का शिकार किया था। इसकी पुष्टि होने पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं,  मृत हाथी के साथी को खोजने के प्रयास जारी हैं। 

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सिवनी जिले से वनमंडल मंडला में घूमते हुए दो जंगली हाथी 24 नवम्बर की रात जबलपुर वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र बरेला में आए थे। ये दोनों हाथी अपने साथियों से बिछुड़ गए थे। डीएफओ मंडला से इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ जबलपुर अंजना सुचिता तिर्की ने अपने अमले को सतर्क कर दिया था और वनकर्मियों पर हाथियों की निगरानी के लिए निर्देशित किया था। वनकर्मियों की नजर से दोनों हाथी एक दिन गायब रहे। तीसरे दिन यह वन्यजीव वन परिक्षेत्र बरगी में नर्मदातट पर खिरहनी व जमतरा के जंगल में विचरण करते देखे गए। इसके बाद भी वन अमला लापरवाह बना रहा। गुरुवार की सुबह बरगी तहसील के मानेगांव से मोहास के बीच स्थित जंगल में एक हाथी का शव पाया गया। 

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वही वन अधिकारियों ने हाथी के मृत शरीर का निरीक्षण करने पर पाया कि उसकी सूंड करंट लगने से करीब डेढ़ फीट तक झुलस गई थी। इसके बाद ग्राम डुंगरिया मोहास के कोटवार से पूछताछ करके उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति को दो बाहरी लोगों के साथ मिलकर हाथी का बिजली करंट लगाकर हाथी का शिकार करने का संदेह जताया। जिसके बाद तीनों शिकारियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। नर हाथी की मौत की खबर पाकर वन अधिकारियों का अमला शुक्रवार सुबह जल्द ही मौके पर पहुंच गया था। इसलिए शिकारियों को मृत हाथी के दांत काटकर निकालने का मौका नहीं मिला। वन विभाग ने हाथी का शिकार करने वाले तीनों आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।





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शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में बीजेपी, पार्टी में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:22
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शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में बीजेपी, पार्टी में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं
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तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी भाजपा के कुछ नेताओं और अधिकारी के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर उनकी शर्तों पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है।

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व, तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में है जिन्होंने ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी तक अधिकारी के भाजपा में शामिल होने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेताओं और अधिकारी के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर उनकी शर्तों पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तृणमूल के कद्दावर नेता के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं इसलिए भाजपा को उम्मीद है कि अधिकारी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। नाम उजागर न करने की शर्त पर भाजपा नेता ने कहा, “हम शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में हैं। हमारे उनसे अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। स्थिति स्पष्ट होने के लिए हमें कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।”

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हालांकि, अधिकारी ने ममता बनर्जी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस या विधायक के पद से इस्तीफा नहीं दिया है। भाजपा नेता ने कहा, “मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अधिकारी के लिए तृणमूल कांग्रेस में बने रहना कठिन होगा। इसलिए उनके सामने नई पार्टी बनाने या भाजपा का कांग्रेस में शामिल होने का ही विकल्प है।” उन्होंने कहा, “नई पार्टी बनाने के लिए ढेर सारा पैसा और मानव संसाधन की जरूरत होती है। इस समय यह संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस बंगाल में बहुत कमजोर है इसलिए अधिकारी के पास भाजपा में शामिल होने का ही विकल्प बचता है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि यही हमारे लिए और अधिकारी के लिए सबसे ज्यादा फायदे की बात होगी।





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सत्येंद्र जैन का दावा, दिल्ली में 50 प्रतिशत से अधिक कोरोना बिस्तर खाली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:01
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सत्येंद्र जैन का दावा, दिल्ली में 50 प्रतिशत से अधिक कोरोना बिस्तर खाली
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शुक्रवार को जैन ने कहा था कि कोविड-19 का टीका आने पर, दिल्ली के पास पर्याप्त संसाधन और उपकरण हैं जिससे कुछ ही हफ्तों में पूरी आबादी का टीकाकरण किया जा सकता है।

नयी दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित कुल बिस्तरों में से 50 प्रतिशत बिस्तर खाली पड़े हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वर्तमान में बारह सौ से अधिक आईसीयू बिस्तर और लगभग 9,500 सामान्य बिस्तर खाली हैं। कुल पचास प्रतिशत से अधिक बिस्तर उपलब्ध हैं। इसलिए हम थोड़ी बेहतर स्थिति में हैं।” मंत्री ने कहा कि शुक्रवार को ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर कुछ समस्याएं थी जिन्हें सुलझा लिया गया है।

दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 5,482 नए मामले सामने आए। 98 मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 8,909 हो गई। शुक्रवार को जैन ने कहा था कि कोविड-19 का टीका आने पर, दिल्ली के पास पर्याप्त संसाधन और उपकरण हैं जिससे कुछ ही हफ्तों में पूरी आबादी का टीकाकरण किया जा सकता है।





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