जगदानंद सिंह को मनाने में कामयाब हुए लालू, बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष, बेटे के इस्तीफे के बाद से बताए जा रहे थे नाराज

Jagdanand Singh
ANI
अंकित सिंह । Nov 25, 2022 2:24PM
सूत्रों के मुताबिक लालू यादव और अब्दुल बारी सिद्दीकी की मुलाकात के बाद ही यह तय हो गया है कि जगदानंद सिंह ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। पिछले दिनों खबर आई थी कि राजद प्रदेश अध्यक्ष के लिए नए विकल्प तलाश रही है। इसमें अब्दुल बारी सिद्दीकी का नाम सबसे आगे चल रहा था।

बिहार में राजनीतिक उठापटक के बीच राष्ट्रीय जनता दल में बड़ा विवाद खत्म होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय जनता दल ने फिलहाल जगदानंद सिंह को मनाने में कामयाबी हासिल की है। खबर के मुताबिक जगदानंद सिंह को लेकर संशय की स्थिति खत्म हो गई है। जगदानंद सिंह राजद के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। खबर के मुताबिक लालू यादव ने जगदानंद सिंह को मनाने की कोशिश की। इसके बाद जगदानंद सिंह मान गए हैं। सूत्रों के मुताबिक लालू यादव और अब्दुल बारी सिद्दीकी की मुलाकात के बाद ही यह तय हो गया है कि जगदानंद सिंह ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। पिछले दिनों खबर आई थी कि राजद प्रदेश अध्यक्ष के लिए नए विकल्प तलाश रही है। इसमें अब्दुल बारी सिद्दीकी का नाम सबसे आगे चल रहा था। 

इसे भी पढ़ें: बिहार में उपचुनाव के बीच बोले सुशील मोदी, JDU ने अतिपिछड़ों का किया अपमान, पूरा समाज भाजपा के साथ

दरअसल, मंत्री पद से बेटे सुधाकर सिंह के इस्तीफे के बाद से जगदानंद सिंह लगातार नाराज चल रहे थे। उन्होंने राजद के प्रदेश कार्यालय का दौरा भी बंद कर दिया था। वह पार्टी के कामकाज में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। इसके बाद इस बात की चर्चा जोरों पर ही की राजद जगदानंद सिंह को मनाने की बजाय अब्दुल बारी सिद्दीकी को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती हैं। लेकिन लालू यादव ने खुद अपनी ओर से कोशिश की और जगदानंद सिंह को मनाने में कामयाबी हासिल की। बताया जा रहा है कि जगदानंद सिंह ने भी लालू यादव से मुलाकात की है। इस दौरान जगदानंद सिंह के सारे मतभेदों को दूर करने की कोशिश की गई है। 

इसे भी पढ़ें: बिहार दौरे पर नीतीश और तेजस्वी से मिले आदित्य ठाकरे; प्रवासी विरोधी आरोपों को खारिज किया

लालू यादव किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सिंगापुर जाने वाले हैं। ऐसे में वह पार्टी में सब कुछ सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, यह बात तभी सत्य है कि जगदानंद सिंह नीतीश कुमार के कार्यशैली को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से जगदानंद सिंह के प्रभाव में कमी देखी गई। हालांकि उनके बेटे सुधाकर सिंह को कृषि मंत्री की जिम्मेदारी जरूर दी गई। लेकिन सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार के खिलाफ बोलना शुरू किया। इसके बाद उनका इस्तीफा भी हो गया। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सुधाकर सिंह ने खुद इस्तीफा दिया है या उनसे इस्तीफा लिया गया है। 

अन्य न्यूज़