LDF Convener TP Ramakrishnan ने उपनेता प्रतिपक्ष पद विवाद पर संयम बरतने को कहा

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केरल विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर भाकपा और माकपा के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच एलडीएफ संयोजक ने बातचीत से हल निकालने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर आम सहमति बनाई जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा इस पद पर माकपा के दावे के बाद दोनों दलों में तनातनी बढ़ी थी।

केरलम विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं में जारी बयानबाजी के बीच, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक टी.पी. रामकृष्णन ने नेताओं से संयम बरतने का आग्रह करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा। संवाददाताओं के एक सवाल का जवाब देते हुए रामकृष्णन ने कहा कि समस्याओं को चर्चा से हल किया जाना चाहिए और उस दिशा में प्रयास जारी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के इस बयान कि उपनेता प्रतिपक्ष का पद माकपा नेता को मिलेगा, को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक पुराने फैसले पर आधारित था।

इस मुद्दे पर माकपा के रुख के बारे में पूछे जाने पर रामकृष्णन ने कहा कि इसे पार्टी के प्रदेश सचिव द्वारा स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन के भीतर कई मामलों पर मतभेद होंगे। ऐसे मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा की जाएगी और उन्हें सुलझाया जाएगा।’’ उनकी यह टिप्पणी एलडीएफ के दो प्रमुख घटक दलों के बीच उपनेता प्रतिपक्ष पद पर भाकपा के दावे को लेकर छिड़े वाकयुद्ध के बीच आई है।

एलडीएफ के दूसरे सबसे बड़े घटक दल भाकपा ने मंगलवार को विजयन द्वारा उसकी मांग को खारिज करने की आलोचना की थी और उन पर गठबंधन के मानदंडों का उल्लंघन करने तथा गठबंधन को कमजोर करने का आरोप लगाया था। पिछले हफ्ते, विजयन ने भाकपा की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि यह पद माकपा नेता को ही मिलेगा। विजयन ने कहा था कि उपनेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के लिए उन्हें केवल विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजने की आवश्यकता है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके द्वारा दिए जाने वाला नाम माकपा के किसी नेता का ही होगा।

भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने विजयन की टिप्पणी की तीखी आलोचना करते हुए कहा था कि यह उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। भाकपा के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी ने पार्टी के मुखपत्र ‘जनयुगम’ में प्रकाशित एक लेख में विजयन की टिप्पणियों को ‘‘गठबंधन की मर्यादा का पूर्ण उल्लंघन’’ करार दिया। मोकेरी ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद एलडीएफ के सामूहिक कामकाज को मजबूत करने के प्रयासों के तहत भाकपा ने उपनेता प्रतिपक्ष पद की मांग की थी।

हालांकि, माकपा नेता एवं पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भाकपा और मोकेरी पर पलटवार करते हुए कहा कि मीडिया के जरिए गठबंधन के भीतर मतभेदों को हवा देना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। शिवनकुट्टी ने विजयन के रुख का बचाव करते हुए इसे ‘‘पूर्णतः लोकतांत्रिक’’ और व्यावहारिक राजनीतिक विचारों पर आधारित बताया।

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