लोकसभा अध्यक्ष बोले, सामूहिक प्रयास से ही कोरोना की गंभीर चुनौती से निपटा जा सकता है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 28, 2020   17:53
लोकसभा अध्यक्ष बोले, सामूहिक प्रयास से ही कोरोना की गंभीर चुनौती से निपटा जा सकता है

बिरला ने कोविड-19 का टीका जल्द ही तैयार होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में उन्हें लोगों की शक्ति पर बहुत भरोसा है, क्योंकि ऐसी गंभीर चुनौती से केवल सामूहिक प्रयास से ही निपटा जा सकता है।

नयी दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोरोना वायरस से निपटने को लेकर उठाए गए मोदी सरकार की सराहना करते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार ने इस महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं और इनके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। बिरला ने कोविड-19 का टीका जल्द ही तैयार होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में उन्हें लोगों की शक्ति पर बहुत भरोसा है, क्योंकि ऐसी गंभीर चुनौती से केवल सामूहिक प्रयास से ही निपटा जा सकता है।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर संसद भवन में यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलीरी साइंसेज) एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित एम्पैथी कॉन्क्लेव 2020 कार्यक्रम की अध्यक्षता के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह बात कही। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन एवं संसद सदस्य और अन्य लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि कोविड-19 के इस कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेृतत्व में सरकार ने इस बीमारी के प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं और इनके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोविड-19 की वैक्सीन जल्द ही तैयार हो जाएगी। 

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बिरला ने कहा कि उन्हें भारतीय लोगों की शक्ति पर बहुत भरोसा है और जीत की राह कठिन हो सकती है लेकिन असंभव कभी नहीं। बिरला ने लोगों के बीच यकृत रोग के विषय में जागरूकता फैलाने के लिए जन प्रतिनिधियों के विशेष उत्तरदायित्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस एक बहुत ही गंभीर चुनौती है जिससे केवल सामूहिक प्रयास से ही निपटा जा सकता है और इसके लिए जनप्रतिनिधियों खासकर संसद सदस्यों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘ इस बीमारी के उन्मूलन के लिए वर्ष 2030 निर्धारित किया गया है तथा आशा है कि भारत इस महत्वपूर्ण उद्देश्य को पूरा करने में सक्षम रहेगा।





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