Swachh Vayu Survekshan 2026 में Lucknow अव्वल, इंदौर को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थान

Swachh Vayu Survekshan 2026 में Lucknow अव्वल, इंदौर को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थान
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वर्ग में लखनऊ 198 अंकों के साथ देश में पहले स्थान पर रहा है। इस श्रेणी में इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर तीसरे पायदान पर रहे। उत्तर प्रदेश के कुल 16 शहरों ने विभिन्न श्रेणियों में अपनी जगह बनाई है।

लखनऊ, सात सितंबर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश के 16 शहरों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है। राजधानी लखनऊ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, स्वच्छ हवा के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में लखनऊ ने पहली बार इंदौर को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। लखनऊ को 198 अंक मिले, जबकि इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा कराए गए शहर स्तर पर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए सभी लखनऊ वासियों को बहुत बहुत बधाई।’’ सिंह ने इसी पोस्ट में कहा, ‘‘लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और पार्षदों की पूरी टीम ने लखनऊ को स्वच्छता के हर सूचकांक पर बेहतर बनाने का संकल्प लेकर पिछले कुछ वर्षों से पूरे मनोयोग से काम किया है।’’ रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘लखनऊ नगर निगम की पूरी टीम को बधाई। इस काम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार से भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।

उन्हें बहुत धन्यवाद। लखनऊ नगर स्वच्छता के हर सूचकांक पर ऐसे ही अच्छा प्रदर्शन करता रहे, इसके लिए मेरी शुभकामनाएं।’’ आधिकारिक बयान के अनुसार, यह उपलब्धि केवल राजधानी लखनऊ तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 16 शहरों ने अलग-अलग आबादी वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

इससे पता चलता है कि राज्य में स्वच्छ वायु को लेकर शहर स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में आगरा 192 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा। गाजियाबाद को 184 अंक मिले और वह नौवें स्थान पर रहा।

कानपुर 183.2 अंकों के साथ 11वें तथा प्रयागराज 180 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहा। मेरठ 22वें और वाराणसी 34वें स्थान पर रहे। मध्यम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश के शहरों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

फिरोजाबाद ने 195 अंक हासिल कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यहां कांच उद्योगों को स्वच्छ प्राकृतिक गैस ईंधन की ओर तेजी से स्थानांतरित करने को अहम उपलब्धि माना गया। इस श्रेणी में झांसी 192.5 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा, जबकि मुरादाबाद और नोएडा 187.5-187.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे।

गोरखपुर 22वें और बरेली 26वें स्थान पर रहे। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश के शहरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। रायबरेली 180.5 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहा।

अनपरा 29वें, खुर्जा 30वें और गजरौला 31वें स्थान पर रहे। बयान के मुताबिक, इन शहरों में धूल नियंत्रण और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए किए गए प्रयासों को सर्वेक्षण में प्रमुखता दी गई।

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