राम भरोसे मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार, राम पथ गमन के लिए बजट में किया प्रावधान

By दिनेश शुक्ला | Publish Date: Jul 11 2019 4:33PM
राम भरोसे मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार, राम पथ गमन के लिए बजट में किया प्रावधान
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पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राम पथ गमन को बनाने की बात कही थी लेकिन वह इसको भूल गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2007 में इसका ऐलान किया था लेकिन यह घोषणा मात्र घोषणा बनकर ही रह गई।

मध्यप्रदेश में 15 साल सत्ता का वनवास झेल चुकी कांग्रेस भगवान राम के वनवास पथ को विकसित करने जा रही है। बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश हुए बजट में राम वन गमन के अंचलों के विकास के लिए कमलनाथ सरकार ने प्रवधान किए है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के गुजरने वाले राम वन पथ गमन को बनाने की बात कही थी।



मध्यप्रदेश के चित्रकूट से गुजरने वाले राम वन पथ गमन को बनाने की 15 साल सत्ता में रही बीजेपी भी करती आई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राम पथ गमन को बनाने की बात कही थी लेकिन वह इसको भूल गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2007 में इसका ऐलान किया था लेकिन यह घोषणा मात्र घोषणा बनकर ही रह गई। वनवास के दौरान भगवान राम मौजूदा मध्यप्रदेश के जिन रास्तों से होकर गुजरे वहां राम वन गमन पथ विकसित करने की योजना दस साल पहले बनी थी। वनवास के दौरान भगवान राम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ चित्रकूट से मौजूदा मध्यप्रदेश में प्रवेश किया था और अमरकंटक होते हुए रामेश्वर की ओर रवाना हो गए थे। वही 14 साल के वनवास के दौरान भगवान राम प्रदेश के जिन रास्तों से होकर निकले उनमें सतना, रीवा, पन्ना, छतरपुर, शहडोल और अनूपपुर जिले के कई स्थान शामिल है।
ढेड साल पहले कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस पार्टी राज्य में सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति को अपना रही है। यही वजह है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले ही राज्य में गाय, नर्मदा, मंदिर और राम की बात करने लगी थी। इसी के चलते कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में भी राम वन गमन पथ निर्माण की बात कही थी और विधानसभा चुनाव से पहले राम पथ गमन यात्रा भी शुरू की थी जो बाद में खटाई में पड़ गई। यह यात्रा करीब 35 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली थी।    


लेकिन सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने अपने पहले ही बजट में जहां पुजारियों के मानदेय में तीन गुना वृद्धि के साथ उनके हितों की रक्षा हेतु पुजारी कल्याण कोष की स्थापना की है तो वही मठ मंदिर तथा नदियों के लिए पृथक से न्यास की स्थापना करने की बात कही है। यही नहीं गौशाला और गौ भोजन के लिए भी राशी बढ़ाने का प्रवधान बजट में किया है। वहीं राम पथ गमन के अंचलों को विकास के लिए भी प्रवधान किए है।


 

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