Maharashtra NCP Crisis: पृथ्वीराज चव्हाण बोले- पारिवारिक मतभेद होने से राज्य की राजनीति पर असर पड़ता है

prithviraj chavan
ANI
अंकित सिंह । Jul 6 2023 2:12PM

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि इतने वर्षों से चल रही कड़वाहट यह दर्शाती है... हो सकता है कि उनके(शरद पवार) दल के संचालन में कोई गलतियां हो। यह उनके घर का मामला है लेकिन पारिवारिक मतभेद होने से राज्य की राजनीति पर असर पड़ता है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने गुरुवार को कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि शरद पवार को भतीजे अजीत पवार की बगावत के बारे में पता था और उन्होंने कहा कि अजीत पवार और उनके विधायकों को सरकार में लेने का निर्णय नई दिल्ली में लिया गया होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे पास जानकारी है कि एकनाथ शिंदे को उनके विद्रोह के लिए एक महीने में 10 से 11 अगस्त तक विधानसभा से निलंबित किया जा सकता है। इसलिए यदि शिंदे और उनके 16 विधायकों को बाहर कर दिया जाता है, तो सीएम पद अजीत पवार के पास आ सकता है। हम जानते हैं कि उनसे वादा किया गया है। 

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राज्य की राजनीति पर असर 

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि इतने वर्षों से चल रही कड़वाहट यह दर्शाती है... हो सकता है कि उनके(शरद पवार) दल के संचालन में कोई गलतियां हो। यह उनके घर का मामला है लेकिन पारिवारिक मतभेद होने से राज्य की राजनीति पर असर पड़ता है। इसके साथ ही चव्हाण ने कहा कि इतने सालों से उन्होंने(शरद पवार) सभी को ज़मीन उठाकर इतना बड़ा नेता बनाया और आज इस तरह की बाते कही जा रही यह दुख की बात है। जो शिंदे गुट के विधायक हैं उनमें से कुछ मंत्री बने थे जो बाकी थे वह मंत्री बनने की राह देख रहे थे लेकिन अब नाराज़ हैं। शिंदे गुट के एक मंत्री ने वापस जाने की भी बात कही थी। 

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NCP का अंदरूनी मामला 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला NCP का अंदरूनी मामला है लेकिन राज्य की महा विकास अघाड़ी पर इसका असर पड़ेगा। यह रणनीति दिल्ली में तय हुई थी कि अजीत पवार को साथ लेना है, हमारी जानकारी है कि 1-2 महीने के अंदर एकनाथ शिंदे के खिलाफ कार्रवाई चल रही है उसमें ये निलंबित होंगे। उन्होंने कहा कि दल-बदल कानून का उल्लंघन हुआ जिसमें बचने की उम्मीद नहीं है और यह 16 विधायक चले जाएंगे तो नए मुख्यमंत्री की आवश्यकता होगी। ऐसी स्थिति में भाजपा के अंदर अजीत पवार पर विश्वास किया गया है। महाराष्ट्र में बेहद अनिश्चिचतता की स्थिति बनी हुई है। आंकड़ा बहुत ज़्यादा है लेकिन कुर्सी के लिए हो रही खींचतान और नाराज़गी से कोई भी गुट खुश नहीं है। 

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